फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंतिम संस्कार के विवाद में चालीस घंटे तक पड़ा रहा शव

Mon, 06 Jan 2014 12:19 AM IST
कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज की लेक्चरर डॉ. सरला भोला का शव रविवार को दिन भर अपने बेटे के हाथों अंतिम संस्कार और संस्कार के लिए दो गज जमीन के विवाद में पोस्टमार्टम हाउस में पड़ा रहा। दिन भर चले घटनाक्रम के बावजूद जब मृतका के बच्चों को शाहाबाद ले जाने की अनुमति नहीं मिली तो मायके पक्ष के लोग बिना बच्चों के ही सरला के शव को लेकर शाहाबाद रवाना हो गए। शाहाबाद में शाम करीब 7:30 बजे सरला का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन


मालूम हो कि शनिवार सुबह लेक्चरर सरला भोला का शव उनके बेडरूम में मिला था। उसके चेहरे पर चाकू के गंभीर निशान थे। पुलिस ने इस मामले में उसके लेक्चरर पति के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज किया है। रविवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ। सुबह से ही मायके के लोग जहां शव को शाहाबाद ले जाकर सरला के बच्चों के हाथों अंतिम संस्कार करने की मांग करते रहे, वहीं ससुराल पक्ष के लोग कैथल में ही संस्कार करवाने के लिए अड़े रहे।

रविवार सुबह इंदिरा गांधी मल्टी स्पेशएलिटी अस्पताल में शव पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान मृतका के मायके से बहन सीमा, भाई रामशरण सहित अन्य ने कहा कि उनकी बहन के बच्चों आठ साल के कुशाल, छह साल की वंशु और 11 साल की सिमरन को उनसे मिलने नहीं दिया गया। मायके वालों ने मांग की कि बच्चों को अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए शाहाबाद भेजा जाए क्योंकि वे कैथल में अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। यहां ससुराल वाले सहयोग नहीं कर रहे हैं। मायके वालों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद से सरला के चार पर्स, कागजात सहित अन्य सामान गायब है। सरला की हत्या एक षड्यंत्र के तहत की गई है। इस षड्यंत्र में कई लोग शामिल हैं।
विज्ञापन


मायके वालों की बात सुनकर थाना शहर प्रभारी ने आला अधिकारियों को सूचित किया। पहले डीएसपी रविंद्र तोमर तथा बाद में डीएसपी सुरेंद्र भौरिया मौके पर पहुंचे। ससुराल के लोगों ने बच्चों को शाहाबाद भेजने से मना कर दिया। इसके बाद में सरला के भाई ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट सोनिया श्योकंद की अदालत में अर्जी लगाई और मृतका के बच्चों को शाहाबाद भेजने के निर्देश जारी करने की गुहार लगाई। करीब चार बजे हुई सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि अदालत को इस मामले में सुनवाई का अधिकार नहीं है। बड़ी अदालत में ही अर्जी लगानी पड़ेगी। अदालत ने दोनों पक्षों को आपसी सहमति बनाकर अंतिम संस्कार करवाने का परामर्श दिया।

कैथल में करने दो अंतिम संस्कार : धर्मबीर
अदालत परिसर के बाहर हत्या आरोपी सरला के पति गुरदीप भोला के भाई धर्मबीर भोला ने मायके के लोगों से आग्रह किया कि वे अंतिम संस्कार कैथल में ही करवा दें। यहां बच्चे संस्कार में शामिल हो जाएंगे। सुरक्षा की दृष्टि से वे बच्चों को लेकर शाहाबाद नहीं जा सकते, लेकिन मायके के लोगों ने कहा कि वे सरला का अंतिम संस्कार शाहाबाद में ही करेंगे। इसके बाद वे करीब पांच बजे सरला के शव को लेकर शाहाबाद के लिए रवाना हो गए।

पोस्टमार्टम हाउस में पड़ा रहा शव
लेक्चरर सरला का शव अंतिम संस्कार का निर्णय न होने के कारण करीब 40 घंटे तक पोस्टमार्टम हाउस में पड़ा रहा। मायके एवं ससुराल पक्ष में बच्चों को लेकर दिन भर वाद-विवाद चलता रहा। अस्पताल में एक बार तो नौबत खींचतान तक पहुंच गई थी। मौके पर मौजूद थाना शहर प्रभारी अश्वनी शर्मा ने बीचबचाव किया। इसके बाद कानूनी विचार-विमर्श भी हुआ।

हमारी नहीं हुई कोई सुनवाई
मृतका के भाई रामशरण और बहन सीमा ने कहा कि बच्चों को लेकर उनकी किसी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उसकी बहन के बच्चों को अंतिम बार उसकी मां को देखने तक नहीं दिया गया। साथ ही मायके के किसी व्यक्ति से मिलने तक नहीं दिया गया। वे अपनी बहन का संस्कार शाहाबाद में ही करेंगे।

बच्चों को मिलने से नहीं रोका
आरोपी गुरदीप भोला के भाई धर्मबीर भोला ने कहा कि सरला के अंतिम संस्कार का हक सामाजिक रूप से ससुराल में ही बनता है। इसके लिए मायके के लोगों से कई बार गुजारिश की, हाथ भी जोड़े, लेकिन वे राजी नहीं हुए। बच्चे अपनी दादी के साथ हैं। उन्हें किसी से मिलने से नहीं रोका गया।

मामले की जांच कर रहे हैं : एसपी
एसपी कुलदीप सिंह यादव का कहना है कि पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ पहले से ही हत्या के आरोप में केस दर्ज किया है। अंतिम संस्कार कहां और कैसे करवाना है, यह परिवार के लोगों को ही निर्णय लेना था। बच्चों को रखे जाने को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद थे, जिस कारण ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में भी मायके के लोगों ने अर्जी लगाई थी। इसके बाद मायके के लोग मृतका के शव को लेकर शाहाबाद गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें