करनाल। यूपी के वृंदावन में शुक्रवार को यमुना नदी में नाव पलटने से 11 लोगों की जान चली गई। 4 लोग अब भी लापता हैं। कोई लाइफ जैकेट नहीं पहना था।यह जानलेवा लापरवाही करनाल में भी जारी है। कर्ण लेक पर बोटिंग करने वाले लोग भी बिना लाइफ जैकेट के ही होते हैं। रोजाना 50 से अधिक लोग बोटिंग करते हैं। सुरक्षा इंतजाम कागजों तक सीमित हैं। लाइफ जैकेट मौजूद होने के बावजूद लोगों को नहीं पहनाई जा रही।
पूरे कर्ण लेक क्षेत्र में सिर्फ एक ही गोताखोर संजीव उर्फ बिट्टू ही तैनात हैं। उन्होंने बताया कि ठेकेदार के पास करीब 90 लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं। हालांकि बोटिंग करने वाले लोगों को ये नहीं दी जातीं। शनिवार को भी लोग बिना किसी सुरक्षा उपकरण के नाव में बैठकर गहरे पानी में जा रहे थे।
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कर्ण लेक में इस समय 6 से 7 फीट तक पानी भरा हुआ है। किसी कारणवश नाव पलटती है तो तैरना न जानने वाले लोगों के लिए जान का जोखिम है। कर्ण लेक में बोटिंग के लिए 300 रुपये से लेकर 700 रुपये तक का शुल्क लिया जाता है। इसमें लाइफ जैकेट का शुल्क भी शामिल है।
कर्ण लेक के एडीएम विजेंदर शर्मा ने कहा कि यदि बिना लाइफ जैकेट बोटिंग कराई जा रही है तो इसकी जांच कराई जाएगी। निर्देश हैं कि हर व्यक्ति को लाइफ जैकेट पहनाकर ही बोटिंग कराई जाए। यदि इनका पालन नहीं हो रहा है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।