विश्व रक्तदाता दिवस
- रक्तदान के दौरान खून की जांच में बीमारियों का लग जाता है पता, साढ़े तीन वर्ष में 23,298 ने किया रक्तदान, 516 में मिली बीमारियांं
अनुज शर्मा
करनाल। दूसरों की जान बचाने के लिए तो रक्तदान जरूरी है ही, इसके साथ ही आपकी सेहत के लिहाज से भी रक्तदान बेहद आवश्यक है। इसकी वजह है कि स्वैच्छिक रक्तदान में लिए गए खून की पांच तरह की जांच हाेती है। जिससे बीमारियों का पता चल जाता है। ऐसे में समय रहते बीमारियों का इलाज शुरू हो सकता और आप स्वस्थ हो सकते हैं। पिछले साढ़े तीन वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में 23,298 लोगों ने रक्तदान किया। इन सभी के खून की जांच हुई और इनमें से 516 रक्तदानी बीमार मिले। ब्लड बैंक ने इन लोगों से संपर्क कर इलाज कराने की सलाह दी और समय रहते ये लोग अपना इलाज शुरू करा सके। संवाद
रक्तदान के बाद रक्त की होती है सूक्ष्म जांच
ब्लड बैंक के काउंसलर अनिल ने बताया कि किसी भी व्यक्ति के रक्तदान करने के बाद एकत्रित रक्त की सूक्ष्म जांच होती है। रक्त में पांच तरह की गंभीर बीमारियों की जांच की जाती है। जिससे किसी जरूरतमंद को रक्तदान का खून चढ़ाने से बीमारी का संक्रमण उसके शरीर में नहीं हो। सूक्ष्म जांच में एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, सिफलिस और मलेरिया के संक्रमण की जांच की जाती है।
रक्त में शामिल बीमारियों का बढ़ रहा आंकड़ा
नर्सिंग ऑफिसर रजनी बाला और नवीन ने बताया कि प्रतिवर्ष रक्तदानियों की संख्या बढ़ रही है तो इनके रोगों के चपेट में आने का भी अधिक पता चल रहा है। जितनी अधिक जांच होगी, उतने ही केस भी सामने आएंगे। वर्ष 2020 में 110, वर्ष 2021 में 128 और वर्ष 2022 में 246 और जनवरी से मार्च 2023 तक में 32 केस सामने आए हैं। जिनके रक्त में गंभीर रोग पाया गया। जिसका इलाज बेहद जरूरी था।
एकत्रित रक्त व रक्त में मिली बीमारियों पर नजर
वर्ष रक्त एचआईवी हेपेटाइटिस-बी हेपेटाइटिस-सी सिफलिस कुल
2020 5910 04 49 44 13 110
2021 7589 05 36 78 09 128
2022 8076 12 60 140 34 246
2023 1723 01 12 16 03 32
कुल 23298 22 157 278 59 516
(वर्ष 2023 का आंकड़ा जनवरी से मार्च तक का है)
रक्त की हर बूंद जिंदगी बचाने का कार्य करती है। ऐसे में हमें रक्तदान करते रहना चाहिए। वहीं, रक्तदान करने से रक्त के अंदर पनप रहीं गंभीर बीमारियों के बारे में भी हमें पता चलता है। वर्ष 2020 से मार्च 2023 तक 23,298 लोगों ने रक्तदान किया और उनमें 516 के रक्त में एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, सी और सिफलिस बीमारी सामने आई है। अगर ये रक्तदान न करते तो शायद ये बीमारियां खतरनाक साबित हो सकती थी। ऐसे में दूसरों के साथ-साथ अपने लिए भी रक्तदान करना चाहिए।
- डॉ. संजय वर्मा, इंचार्ज, ब्लड बैंक, सिविल अस्पताल करनाल