खालिस्तानी गतिविधियों के विरोध में ग्रामीण लामबंद होने लगे हैं। रविवार को कतलाहेड़ी गांव के सरकारी विद्यालय में सैकड़ाें लोगों ने महापंचायत कर खालिस्तानी गतिविधियों पर रोष जताया। इसके बाद कुछ दिन पहले छबील के दौरान बैनर पर खालिस्तान समर्थकों के फोटो लगाने वालों की गिरफ्तारी व उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर करनाल-जींद राज्य मार्ग जाम लगा दिया।
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। लोगों ने धार्मिक नारेबाजी करते हुए रोष जताया। जाम लगने से करीब डेढ़ घंटे तक वाहनों का आवागमन बाधित रहा।
कतलाहेड़ी गांव में शनिवार सुबह 10 बजे आयोजित महापंचायत में आसपास के करीब 20 गांवों के लोगों ने सहभागिता की।
जिसके बाद प्रदर्शनकारी करीब 2ः30 बजे राज्य मार्ग पर पहुंच गए और जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शनकारियों ने मार्ग जाम रखा। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया तो लोग भड़क गए। पुलिस और लोगों के बीच नोकझोंक हुई। मौके पर डीएसपी टीम के साथ पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया मगर वह अड़े थे। उन्होंने खालिस्तानी गतिविधियों का समर्थन करने वाले आरोपियों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने और जल्द उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की। डीएसपी सुरेंद्र कुमार ने आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
ये है मामला
बीते मंगलवार को कतलाहेड़ी के बस अड्डे के पास बांसा गांव के लोगों ने छबील के कार्यक्रम में खालिस्तान समर्थक भिंडरावाला और अमृतपाल के फोटो वाले बैनर लगा दिए थे। जिसका एक पक्ष ने विरोध किया था। जिसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिसमें एक पक्ष के महिला समेत तीन लोग धायल हो गए थे।
उसके बाद करीब 12 गांवों के लोग पंचायत के बाद निसिंग थाने पहुंचे थे और आरोपियों पर देशद्रोह का केस दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस ने लोगों को दो दिन का आश्वासन दिया मगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। निसिंग थाने में 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। - सुरेंद्र कुमार, डीएसपी हलका