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Karnal News: खिलाड़ियों के लिए अधिक प्रोटीन वाला बिस्किट लॉन्च

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। श्वेत क्रांति जनक डॉ.वर्गीस कुरियन के जन्म दिवस को मंगलवार को राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) ने राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर वैज्ञानिकों ने जहां दुनिया में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाले देश के रूप में गर्व महसूस किया।
इस दौरान जीडीपी में भारतीय डेयरी का योगदान बेहद अहम बताते हुए भविष्य में जलवायु परिवर्तन की कई चुनौतियों पर भी खुलकर चर्चा की। प्रति व्यक्ति दुग्ध की उपलब्ध बढ़ाने के साथ साथ पशुओं में दुग्ध की उपलब्धता बढ़ाने का भी संकल्प लिया। इस मौके पर खिलाड़ियों के लिए अधिक प्रोटीन वाला बिस्किट लॉन्च किया। साथ ही पद्मश्री और अर्जुन अवाड़ी किसानों और खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
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बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के निदेशक मंडल के सदस्य डॉ. जीएस. राजोरहिया ने भारत के डेयरी उद्योग के विकास और खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में एनडीआरआई की महत्वपूर्ण भूमिका पर बताई। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया के सबसे बड़े दूध उत्पादक देश में बदलने में उनके दूरदर्शी नेतृत्व को स्वीकार किया गया है।
अध्यक्षीय संबोधन में एनडीआरआई के निदेशक और कुलपति डॉ. धीर सिंह ने डेयरी विज्ञान और प्रौद्योगिकी की उन्नति में संस्थान के योगदान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, आपूर्ति शृंखला दक्षता और डेयरी उत्पादों में मूल्यवर्धन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए शोधकर्ताओं, किसानों और उद्योग हितधारकों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों की आवश्यकता है।
निदेशक ने डेयरी क्षेत्र के सतत विकास को सुनिश्चित करते हुए अनुसंधान, शिक्षा और आउटरीच में उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई। पद्मश्री कंवल सिंह चौहान ने कहा कि उन्हें बेबी कॉर्न की खेती ने यहां तक पहुंचाया। उन्होंने डेयरी क्षेत्र में वैज्ञानिक नवाचार और व्यावहारिक कार्यान्वयन के बीच अंतर को बांटने में एनडीआरआई जैसे अनुसंधान संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर रोशनी डाली।
एनडीआरआई के संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. राजन शर्मा ने कहा कि डीटीपी में डेयरी का योगदान 4.1 प्रतिशत है, जो अनाजों और तिलहन से अधिक है। संयुक्त निदेशक डॉ. एके सिंह ने डॉ. कुरियन के योगदान को रेखांकित किया। एशियन गेम्स की पहली महिला गोल्ड मेडलिस्ट शूटर राही सरनोवत ने छात्रों को धैर्य रखकर सीखते हुए आगे बढ़ने की सीख दी।
उन्होंने लॉन्च प्रोडक्ट के बारे में भी विस्तार से बताते हुए कहा कि खिलाड़ियों को कार्य के दौरान अपनी पोषक खुराक का भी ध्यान रखना होता है। अब हमारे देश में भी प्रोटीनयुक्त मिलेट्स मौजूद हैं। पद्मश्री नरेंद्र सिंह, श्रीकृष्ण गोशाला जुंडला के संस्थापक गोपाल गोस्वामी और राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार विजेता राम सिंह को डेयरी क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस मौके पर एनडीआरआई, एग्री-बिजनेस इनक्यूबेटर के इनक्यूबेट, स्मिलेट्स द्वारा बाजरा दूध प्रोटीन आधारित कुकीज का लॉन्च किया। जिसका अनावरण ओलंपिक पदक विजेता सरबजोत सिंह, राही सरनोवत, अर्जुन पुरस्कार विजेता समरेश जंग एथलीट शामिल थे।
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देसी पशुओं में दुग्ध उत्पादकता बढ़ाना बड़ी चुनौती : डॉ. राजोरहिया
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के निदेशक मंडल के सदस्य डॉ. जीएस राजोरहिया ने जलवायु परिवर्तन के बीच दुग्ध उत्पादन में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि विदेशी नस्लों की गाय की औसत दुग्ध उत्पादकता करीब 30 लीटर तो देसी गायों की करीब पांच लीटर हो सकी है। इसे बढ़ाने के लिए काम चल रहा है। हमारे पास 6.60 लाख लीटर दूध है, जिसमें से 4.40 लाख लीटर की खपत है, शेष दूध को निर्यात करना है। इसमें लिए दूध की गुणवत्ता को दुरुस्त रखना है। मिलावट रहित गुणवत्तायुक्त दूध के निर्यात से ही हम निर्यात में सफलता हासिल कर सकते हैं। डेयरी सेक्टर से करीब 80 मिलियन परिवारों की रोजी रोटी जुड़ी है। उन्होंने कहा कि एनडीआरआई के इस दिशा में किए जा रहे प्रयास सराहनीय है।
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