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Karnal News: बेटी को जन्मदिन का तोहफा, सिगरेट पीना छोड़ा

Sat, 31 May 2025 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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काजल पांचाल
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करनाल। लत चाहे कोई भी और कैसी भी हो, अगर इंसान दृढ़ निश्चय कर ले तो कभी भी छुटकारा पा सकता है। राजीव कालोनी निवासी अशोक सैनी ने यह साबित करके दिखाया है। वह 22 साल से सिगरेट के लती थे।
तबीयत बिगड़ने पर भी धुएं के छल्ले बनाना नहीं छोड़ा। डाक्टर की चेतावनी को भी अनसुना कर दिया, लेकिन जब बेटी ने अपने जन्मदिन पर तोहफे में उनसे इस बुरी लत को छोड़ने का वादा मांग लिया, तो उसे पूरा करके दिखाया।
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निजी कंपनी में काम करने वाले अशोक सैनी बताते हैं कि पिछले साल बेटी के स्कूल में 31 मई को तंबाकू निषेध दिवस पर कार्यक्रम था। एक जून को बेटी का जन्मदिन होता है। बेटी ने स्कूल से आते ही कहा, पापा जन्मदिन में आपसे एक तोहफा मांगना चाहती हूं। उससे वादा किया कि जो मांगेगी, वो दिया जाएगा।
उसने बड़ी मासूमियत से कहा, पापा आप सिगरेट पीना छोड़ दीजिए। यही मेरे जन्मदिन का सबसे बड़ा तोहफा है। अशोक सैनी बताते हैं कि बेटी की आंखों में आंसू थे। उनसे यह देखा न गया। उन्होंने उसी क्षण प्रण ले लिया कि अब सिगरेट नहीं पीएंगे। अशोक सैनी ने बताया कि बेटी से वादा करने के बाद सिगरेट पीना कम कर दिया। लत छूटने में 21 दिन लगे। इसके बाद लगभग एक साल बीत चुका है, सिगरेट को हाथ तक नहीं लगाया है।  उन्हें यह लत 19 साल की उम्र में लग गई थी। दोस्तों को सिगरेट पीते देखा था। शुरू में शौक के लिए पीने लगे और फिर लत लग गई। दो साल पहले सिगरेट की वजह से बीमारियों ने घेर लिया था। छाती में संक्रमण हो गया था। डाक्टरों ने सिगरेट छोड़ने के लिए कहा। चेतावनी देकर डराया कि सिगरेट न छोड़ने का नतीजा बेहद गंभीर हो सकता है लेकिन लत ऐसी थी कि छूट नहीं रही थी। बेटी की गुजारिश को अनसुना नहीं कर पाए। सिर्फ पक्के इरादे से लत छोड़ी है। दवा का सहारा नहीं लिया। संवाद
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मानसिक रोग ओपीडी में 25 फीसदी केस नशे के

जिला नागरिक अस्पताल की मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. सौभाग्य कौशिक का कहना है कि रोजाना ओपीडी में कुल 25 प्रतिशत ऐसे लोग आ रहे हैं, जो नशा करते हैं। इनमें सबसे अधिक तंबाकू का सेवन करते हैं। आजकल तो स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और युवाओं में ई-सिगरेट की आदत बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि सिगरेट की लत को थोड़े से प्रयास से छुड़ाया जा सकता है लेकिन तंबाकू की लत केवल इच्छाशक्ति से ही छूटती है। उन्होंने बताया कि निकोटिन पैच बाजू पर चिपकाया जाता है, जो त्वचा के माध्यम से शरीर में पहुंचता है तो सिगरेट की तलब कम होने लगती है। इसके अलावा निकोटिन गम, लोंजेसस इनहेलर जैसे विकल्प हैं।
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