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Karnal News: हड़ताल से अटके जनता के काम और कार्यालयों के बिल

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- कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल से 30 करोड़ से ज्यादा का राजस्व रुका, सात दिनों से रजिस्ट्री बंद, प्रमाणपत्र, डीएल और आरसी नहीं बने
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- तहसील, उपमंडल और सरल केंद्रों में नहीं हो रहे ऑनलाइन कार्य, जिले में 2516 रजिस्ट्री और 10 हजार से ज्यादा विभिन्न विभागों की फाइलें लंबित



माई सिटी रिपोर्टर

करनाल। पक्की नौकरी सहित अन्य मांगें पूरी कराने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर एक सप्ताह से हड़ताल पर हैं, जिससे लघु सचिवालय, उपमंडल कार्यालय, तहसील और सरल केंद्रों पर कंप्यूटर संबंधित 256 सेवाएं ठप हैं। हड़ताल के कारण सरकार का जिले से 30 करोड़ से ज्यादा का राजस्व रुक गया है।

न ही लोगों की रजिस्ट्री हो पा रही है और न विभिन्न तरह के प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन आरसी बन पा रहे हैं। ऐसे में जहां जनता की हजारों फाइलें कार्यालयों में धूल फांक रही हैं। वहीं ऑनलाइन जारी होने वाले बिल भी सरकारी कार्यालयों के अटके हैं। इन कार्यों के लिए लोग भटक रहे हैं।
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सबसे ज्यादा 60 प्रतिशत राजस्व रजिस्ट्रियों के न होने से रुका है। जबकि अन्य राजस्व विभिन्न विभागों के जनता से जुड़े छोटे-छोटे कार्यों से आने वाली फीस के रूप में अटका है। 15 जुलाई से कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर हैं। इन सात दिनों में जिले की विभिन्न तहसीलों की 2516 से ज्यादा रजिस्ट्री और विभिन्न सरकारी कार्यालयों के 10 हजार से ज्यादा फाइलें लंबित हैं। अधिकारियों का दावा है कि अति महत्वपूर्ण कार्यों को वे अन्य स्टाफ की मदद से करवा रहे हैं। ताकि जनता का व सरकार के विभिन्न प्रोजेक्टों का कार्य प्रभावित न हो। लेकिन आमजन के कार्य अटके हैं।

हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा परेशानी तहसीलों, सरल केंद्र, सभी पांच एसडीएम कार्यालय जैसे विभिन्न विभागों के कंप्यूटर ऑपरेटर संबंधित कार्य बंद हैं। कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ जिला प्रधान उत्कर्ष आजाद का कहना है कि सरकार को जल्द मुख्य मांगों के बारे में ठोस निर्णय लेकर हल निकालना चाहिए।



रोजाना होती हैं 450 से ज्यादा रजिस्ट्री

जिले में रोजाना 450 से ज्यादा रजिस्ट्री और 600 से ज्यादा जाति, आय व रिहायशी प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन आते हैं। रजिस्ट्री के लिए पुराने इंतकाल व जमाबंदी की जरूरत होती है, वहीं नया इंतकाल ऑनलाइन चढ़ने के बाद उसकी सत्यापित प्रति की भी उन मामलों में ज्यादा जरूरत पड़ती है, जिन्होंने संपत्ति पर लोन लिया हो लेकिन समय पर पटवारी न मिलने के कारण फाइलें अटकती हैं।
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एक लाख दिया था एडवांस, बयान का समय खत्म

प्रेमनगर निवासी गुलशन ने बताया कि उन्होंने कर्ण विहार में 80 गज का मकान खरीदना है। इसके लिए मई माह में उन्होंने दूसरी पार्टी को दो लाख रुपये एडवांस देकर रजिस्ट्री के लिए समय लेते हुए बयाना कराया था। बयाने की वैधता 23 जुलाई को खत्म हो रही है। इधर, बैंक ने जमाबंदी की पटवारी से सत्यापित प्रति मांगी है। हड़ताल के कारण जमाबंदी नहीं निकली। उधर, दूसरी पार्टी ने रजिस्ट्री कराने के लिए और समय देने से इंकार कर दिया है। इसी तरह रमेश नगर के विवेक के बच्चों के दाखिले के लिए स्थायी निवास प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है।





तहसीलों, उप तहसीलों में अटकीं रजिस्ट्रियां

असंध
253

घरौंडा
325

इंद्री
378

करनाल
675

नीलोखेड़ी
386

बल्ला
158

निगदू
173

निसिंग
168

कुल
2516



करनाल सरल केंद्र की स्थिति

लंबित प्रमाणपत्र

जाति प्रमाणपत्र

637

आय प्रमाणपत्र

367

रिहायशी प्रमाणपत्र
445

विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र
75

जन्म प्रमाणपत्र

253



उपमंडल कार्यालयों में प्रभावित सेवाएं

ड्राइविंग लाइसेंस
1053

वाहन आरसी

1006

जमाबंदी

832
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