फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाई-बहन के प्रेम को सुदृढ़ करने का आधार भैयादूज : उर्मिल दीदी

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


करनाल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेक्टर-नौ में भैया दूज का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में बीके उर्मिल दीदी ने ईश्वरीय महावाक्य सुनाए। वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके निर्मल दीदी ने भैया दूज के आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह आत्म स्मृति का तिलक है जो भगवान हमें देते हैं। यह त्योहार परमात्मा के साथ बंधु का नाता जोड़ने और निभाने का यादगार है। परमात्मा तो निराकार है, उनका अपना शरीर नहीं है इसलिए कालांतर में बहन शरीर धारी आत्माओं ने भाई शरीर धारी आत्मा को तिलक लगाने और मुख मीठा करने के रूप में इसे मनाना शुरू कर दिया।
विज्ञापन

भगवान के बच्चे हम सब आपस में भाई-बहन हैं। भैयादूज का त्योहार भाई-बहन के प्रेम को सुदृढ़ करने का आधार है। भैयादूज का त्योहार दीपावली के तुरंत बाद आता है। यह श्रीलक्ष्मी नारायण के राजतिलक का यादगार है। जब विश्व में भाईचारे का राज्य स्थापित होता है जिसमें नर नारी तो क्या गाय और शेर भी इकट्ठे एक घाट पर पानी पीते हैं। इसका भाव यह है कि पशु, प्राणी, प्रकृति सभी स्नेह पूर्वक जीवन व्यतीत करते हैं। यह पर्व परमात्मा शिव से भाई का नाता जुड़ाने वाला है। साथ ही सतयुगी भारत की झलक दिखाने वाला यह भैया दूज पर्व है। मौके पर सभी भाई बहनों को भाई दूज का तिलक लगाया गया और शुभकामनाएं दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें