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ट्रांसजेंडरों के प्रति संवेदनशील बनें : दर्शन सिंह

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करनाल। ट्रांसजेंडरों के शैक्षिक एवं सामाजिक स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के मकसद से सोमवार को पंचायत भवन में बैठक आयोजित की गई। इसमें आठ जिलों से पहुंचे ट्रांसजेंडरों के विचार जाने गए। बैठक का आयोजन सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण व अंत्योदय विभाग की ओर से किया गया।

जिसकी अध्यक्षता हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन एवं पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश दर्शन सिंह ने की। आयोग के चेयरमैन ने बताया कि समाज में ट्रांसजेंडर काफी उपेक्षित हैं। उनके शैक्षिक व सामाजिक स्तर को ऊंचा उठाने के उद्देश्य से सरकार ने आयोग से रिपोर्ट मांगी है। आज यहां करनाल, सोनीपत, पानीपत, कुरूक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर, रोहतक और अंबाला जिला से पहुंचे ट्रांसजेंडरों के विचार जाने गए हैं। बाकी जिलों से भी आयोग वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ट्रांसजेंडरों के विचार जानेगा और दो-तीन सप्ताह के भीतर सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। सरकार चाहती है कि ट्रांसजेंडरों समाज की मुख्यधारा से जुड़े और अच्छी शिक्षा ग्रहण करें।
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उन्होंने बताया कि बैठक में कुछ ट्रांसजेंडरों से पुलिस द्वारा किए जाने वाले दुर्व्यवहार की शिकायत की। साथ ही रोजगार और शिक्षा में पूरा हक न मिलने की बात कही। कुछ ट्रांसजेंडरों ने होरिजेंटल और कुछ ने वर्टिकल आरक्षण की मांग रखी। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडरों के साथ न केवल पुलिस बल्कि अधिकारियों और नागरिकों को भी सभ्य व्यवहार करना चाहिये। ट्रांसजेंडरों को भी अच्छी शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। पेंशन के लिए सरकार ने पहले ही प्रावधान किया हुआ है। उन्होंने बताया कि प्राप्त आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में ट्रांसजेंडरों की संख्या 6721 है।

आयोग के सदस्य एवं पूर्व उपकुलपति एसके गक्खड़ ने कहा कि समाज को ट्रांसजेंडरों के प्रति नजरिया बदलना होगा। देखने में आया है कि कई मौकों पर तो नागरिक ट्रांसजेंडरों का आशीर्वाद लेने से नहीं चूकते है लेकिन बाद में उनके साथ सद्व्यवहार नहीं करते हैं। ट्रांसजेंडरों को पारिवारिक संपत्ति में पूरा हक मिलना चाहिए। आयोग के सदस्य श्याम लाल जांगड़ा ने बताया कि आज की बैठक में उच्च शिक्षा प्राप्त ट्रांसजेंडरों ने विचार रखे। ट्रांसजेंडरों से अपील की कि वे लिखित में भी सुझाव सप्ताह भीतर आयोग को ई-मेल अथवा डाल से भेजें।
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बैठक में रोहतक से पहुंचे कविश कौशिक ने ट्रांसजेंडरों के लिए हॉरिजेंटल आरक्षण की मांग की। एक अन्य ट्रांसजेंडर ने समाज में किसी भी स्तर पर सुरक्षा न मिलने की बात कही। साथ ही नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण तथा आयु में छूट की मांग की। कैथल से पहुंचीं मनीषा महंत ने कहा कि उनके समाज को थर्ड जेंडर से रूप में अलग से आरक्षण मिलना चाहिए। बैठक में आयोग के सदस्य सचिव विवेक पदम सिंह, संयुक्त निदेशक अलका यादव, अतिरिक्त उपायुक्त डा. वैशाली शर्मा, एसडीएम अनुभव मेहता, डीएसओ सत्यवान ढिलोड़, रवींद्र हुड्डा, सुरजीत, विशाल सैनी आदि ने भाग लिया।
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