माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले आक्रामक कुत्तों से शहर के लोगों को खुद ही अपना ध्यान रखना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद निगम ने शेल्टर तो बना दिए हैं लेकिन इनमें आक्रामक कुत्तों को पकड़कर छोड़ा नहीं जा रहा है। वहीं शहर में कुत्ते लोगों को काट रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 10 से 15 केस कुत्तों के काटने के आ रहे हैं।
निगम अधिकारियों का तर्क है कि उनके पास अब तक ऐसी कोई शिकायत नहीं है जिसमें शहरवासियों ने कुत्तों को उठा कर शेल्टर में डालने के लिए कहा हो। उनका ये भी तर्क है कि निगम की ओर से लगातार नसबंदी का काम कराया जा रहा है। अब तक करीब सात हजार कुत्तों की नसबंदी तो करवा दी गई है लेकिन किसी भी शेल्टर में कुत्तों को नहीं रखा जा रहा है। नसबंदी के बाद कुत्तों को वापस शहर में छोड़ दिया जाता है।
निगम की ओर से शहरवासियों की शिकायतों को सुनने और उसका समाधान करवाने के लिए हेल्पलाइन 18001802700 जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार अब तक इस पर कोई भी शिकायत कुत्तों को शेल्टर में भेजने की नहीं प्राप्त हुई है।
नागरिक अस्पताल से लेकर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और पार्कों में भी लावारिस कुत्ते घूमते देखे जा सकते हैं। फिलहाल घोघड़ीपुर में वर्तमान में चल रहा कुत्तों की नसबंदी केंद्र ही पहले चरण में शेल्टर के रूप में विकसित किया गया है। ऊंचाना में बनकर तैयार है लेकिन सुविधाएं विकसित की जानी हैं। दाहा में निर्माणाधीन और सिरसी के पास बनाए जाने की योजना है।
भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड की हिदायतें
- कुत्ते की बॉडी लैंग्वेज समझें : गुर्राना, दांत दिखाना, पूंछ दबाना, कान पीछे करना, आंखें चुराना, बार-बार जम्हाई लेना ये सभी संकेत बताते हैं कि कुत्ता असहज है, इसलिए उससे दूरी बनाए रखें।
- अनजान कुत्तों के पास न जाएं : किसी कुत्ते को छूने या दुलारने से पहले हमेशा उनके मालिक की अनुमति लें।
- कुत्तों को परेशान न करें : सोते समय, खाना खाते समय या खिलौने से खेलते समय कुत्ते को छेड़ना खतरनाक हो सकता है।
- बच्चों को सिखाएं सुरक्षित व्यवहार : बच्चों को कुत्ते को धीरे से छूना चाहिए, उसके कान, पूंछ या फर नहीं खींचने चाहिए और न ही उसे गले लगाना या चढ़ना चाहिए।
- शांत रहें और धीरे चलें : कुत्ते तेज हरकतों पर तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं। अगर कोई कुत्ता करीब आए तो न भागें, न चिल्लाएं।
- हमले की स्थिति में : खुद को बचाने के लिए बैग या जैकेट आगे रखें। जमीन पर गिरने पर गोले की मुद्रा बनाकर अपने चेहरे और गर्दन को बचाएं।
- पालतू कुत्तों पर सख्ती : मालिकों को अपने पालतू कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर हमेशा पट्टे में रखना होगा और उन्हें बेसिक ट्रेनिंग देना जरूरी होगा।
आवारा आक्रामक कुत्तों के लिए शेल्टर तैयार किए गए हैं। निगम की ओर से कुत्तों की नसबंदी का काम भी जारी है। अब तक निगम के पास ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है कि कुत्तों को शेल्टर में छोड़ा जाए। अगर ऐसी कोई शिकायत आती है तो उस पर तुंरत कार्रवाई की जाएगी। -सुरेंद्र चोपड़ा, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम