करनाल। सदर बाजार स्थित उत्तम औषधालय, माता राम प्यारी मंदिर में चल रही कार्तिक मास कथा में काशी से पधारे प्रसिद्ध संत स्वामी ऋषि कुमार ने श्रद्धालुओं को जीवन साधना और भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति का संतुलन ही जीवन में सच्चा मार्ग होता है।
स्वामी ने भगवान शिव और माता पार्वती के संवाद का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि मानव शरीर एक अदृश्य रथ है, आत्मा उसकी रथी और मन सारथी है। जब तक मनुष्य अपने जीवन की लगाम भक्ति के हाथों में नहीं देता, तब तक यह रथ सांसारिक मोह में भटकता रहता है। उन्होंने कहा कि जीवन के सुख-दुख रथ के पहियों की तरह हैं, ये घूमते रहते हैं, इसलिए मनुष्य को परिस्थितियों से ऊपर उठकर भगवान में अटूट विश्वास बनाए रखना चाहिए। पंडित चेतन देव ने जीवन में भक्ति और सदाचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रभु का नाम ही सबसे बड़ा संबल है। भक्ति से मन को शांति मिलती है और विचारों में निर्मलता आती है। इससे पहले प्रातः काल रीति रिवाज से हवन का आयोजन हुआ, जिसमें वैद्य देवेंद्र बत्रा और उनकी धर्मपत्नी दर्शन बत्रा ने श्रद्धालुओं के साथ मिलकर आहुतियां डाली। संवाद