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Karnal News: अत्याधुनिक ट्रैक पर बिगड़ रहा संतुलन... डीएल टेस्ट में 27.47 फीसदी अभ्यर्थी फेल

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आईडीटीआर के ट्रैक पर टेस्ट देते वाहन चालक संवाद
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गगन तलवार
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करनाल। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना करनाल के लोगों के लिए काफी मुश्किलों भरा है। सड़कें भले ही जर्जर हों लेकिन डीएल के लिए टेस्ट अत्याधुनिक ट्रैक पर होता है और वो भी सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों के साथ। ऐसे में सामान्य सड़क पर वाहन चलाना सीखने के बाद जब अभ्यर्थी टेस्ट देने ऐसे ट्रैक पर जाते हैं तो उनका संतुलन बिगड़ जाता है। पिछले एक साल में 27.47 फीसदी अभ्यर्थी फेल हुए हैं।
करनाल में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च (आईडीटीआर) में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति चारपहिया वाहन चालकों की है, टेस्ट में 39.32 फीसदी को असफलता मिली। दोपहिया वाहन चालकों में भी हर माह औसतन 10 से 20 प्रतिशत तक अभ्यर्थी फेल हो रहे हैं। इधर टेस्ट में असफल होने वाले युवा संस्थान पर मनमानी का आरोप जड़ रहे हैं।
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आईडीटीआर की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, कुल 13,522 वाहन चालकों ने ड्राइविंग टेस्ट दिया। इनमें से 9,803 अभ्यर्थी पास हुए जबकि 3,719 फेल हो गए। यानी कुल पास प्रतिशत 72.53 प्रतिशत रहा, जबकि 27.47 प्रतिशत अभ्यर्थी टेस्ट में असफल रहे। यदि महीनेवार प्रदर्शन की बात करें तो जनवरी में सबसे अधिक 77 प्रतिशत अभ्यर्थी पास हुए, जबकि जून में सबसे कम 69 फीसदी सफलता दर दर्ज की गई। अन्य महीनों में पास प्रतिशत 70 से 74 प्रतिशत के बीच रहा।

1049 दोपहिया और 2670 चारपहिया वाहन चालक हुए फेल
- दो पहिया वाहन श्रेणी : कुल 6,731 अभ्यर्थियों ने टेस्ट दिया, जिनमें से 5,682 पास हुए और 1,049 फेल हो गए। इस श्रेणी में पास प्रतिशत 84.42 रहा, जबकि 15.58 फीसदी अभ्यर्थी असफल रहे।
- चार पहिया वाहन श्रेणी : कुल 6,791 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इनमें से 4,121 पास हुए और 2,670 फेल हो गए। इस वर्ग में पास प्रतिशत 60.68 रहा, जबकि 39.32 प्रतिशत अभ्यर्थी फेल हुए।

आरोप : आईडीटीआर से ही सीखें तो नहीं करते फेल
स्थानीय निवासी एडवोकेट राजेश शर्मा, नितिन और अंकित का कहना है कि डीएल के लिए आईडीटीआर में टेस्ट देना अनिवार्य है। यदि संस्थान से ही वाहन चलाने का प्रशिक्षण लें तो फिर फेल नहीं होते। बाहर से यदि कोई वाहन चलाना सीखकर टेस्ट देने जाता है तो अनुदेशक फेल कर देेते हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप राणा, तेजपाल और सड़क सुरक्षा समिति सदस्य संदीप लाठर का कहना है कि ऐसा पहले कई बार हो चुका है।
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टेस्ट के लिए इतनी लगती है फीस- रुपये में
स्थिति दोपहिया चारपहिया
निजी वाहन 100 100
आईडीटीआर वाहन 200 250


टेस्ट देने वाले वाहन चालकों की स्थिति
महीना
पास
फेल
अप्रैल 2025
848
337
मई

992
345
जून

949
417
जुलाई
1046
417
अगस्त
933
330
सितंबर
966
355
अक्तूबर
779
291
नवंबर
793
336
दिसंबर
1004
373
जनवरी 2026
690
208
फरवरी
803
310
वर्जन
आईडीटीआर में टेस्ट देना अनिवार्य है। पास प्रतिशत पहले से काफी सुधरा है। संस्थान की ओर से यदि मनमाने तरीके से फेल किया जाता है तो इसकी जांच कराएंगे। पूरी निगरानी में टेस्ट की प्रक्रिया होती है। रिपोर्ट में चार पहिया श्रेणी में सफलता दर अपेक्षाकृत कम रही है। - उत्तम सिंह, उपायुक्त
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