अंबाला से आशा वर्करों को गिरफ्तार कर करनाल थाने में लेकर आने पर जताया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अंबाला से आशा वर्करों को गिरफ्तार कर करनाल महिला थाने लेकर आने पर आशा वर्करों ने महिला थाने का घेराव किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद महिला थाने की पुलिस ने अंबाला पुलिस से बातचीत कर पुलिस वैन में लाई गई आशा वर्करों को दोबारा से अंबाला रवाना कर दिया।
जानकारी के अनुसार आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले अपनी मांगों के लिए विधानसभा का घेराव के लिए निकली अंबाला की आशा वर्करों को अंबाला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उन्हें पहले अंबाला महिला थाने में रखा। बाद में उन्हें वैन में भरकर करनाल महिला थाने में ले जाया गया। इसका पता करनाल की आशा वर्करों को लगा तो वे शहर की आशा वर्करों के साथ महिला थाने का घेराव किया और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। ऐसे में आनन-फानन में महिला थाना पुलिस ने अंबाला बातचीत की और उन्हें दोबारा से पुलिस वैन में भरकर अंबाला के लिए रवाना किया गया। इसके बाद आशा वर्कर शांत हुई और महिला थाना परिसर से बाहर निकली। वहीं इंद्री की आशा वर्कर्स को पुलिस ने इंद्री बस स्टैंड पर ही रोक लिया। जिसके बाद आशा वर्कर्स ने बस स्टैंड पर ही सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
दर्जनों आशा वर्करों को पुलिस ने रोका
असंध। विधानसभा घेराव के लिए निकली अलग अलग गांव से कई दर्जन आशा वर्करों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। निजी बस से सभी को उतारकर अपनी गाड़ी में बैठाकर महिला थाने में छोड़ा। जिसको लेकर गुस्साई आशाओं ने सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। महिलाओं ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया।
आशा वर्कर यूनियन की हल्का प्रधान स्वदेश, सचिव ममता व ज्योति, संतोष, कमलेश, कविता, मंजू, सोनिया, कमलेश, नीलम, सुमन, इन्द्रो, कुलजीत, सोम व सरोज ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि वह दिन रात काम करती है, लेकिन उसका मानदेय चार हजार है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों में मानदेय 26 हजार, सरकारी कर्मचारी का दर्जा , अस्पताल में बैठने के लिए अलग से जगह और 2018 का कटा हुआ वेतन देना शामिल है।