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इराक में फंसे लोगों के पास खाने पीने का सामान खत्म

Wed, 25 Jun 2014 12:34 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल
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इराक में फंसे अपनों की सकुशल वापसी के लिए परिजन उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। मंगलवार को पांच परिवारों के लोगों ने सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से डीसी बलराज सिंह को ज्ञापन सौंपा।
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 इसके बाद एसपी और एसडीएम को भी इराक गए सदस्यों और जिनके माध्यम से गए एजेंटों के मोबाइल नंबर दिए। एसपी अभिषेक गर्ग ने डीएसपी जोगिंद्र राठी को आदेश दिए कि उनकी मद्द की जाए। आईएसी कार्यकर्ता जेपी शेखपुरा, प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र अरोड़ा, वीर क्रांतिदल के अध्यक्ष राजबीर झिमरेहड़ी, अखिल भारतीय जन पर्यावरण जागृति मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबे सिंह खेड़ा, आप कार्यकर्ता शाम लाल प्रजापत, धर्मेंद्र खेड़ा, ईश्वर कश्यप ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत करनाल जिले का रिकार्ड बताया जाए कि इराक में कितने युवक गए हैं। साथ ही हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए, ताकि पीड़ित परिवार प्रशासन के संपर्क में रहे। पीड़ित परिवारों को गुजारे के लिए कुछ आर्थिक मद्द की जाए। उन एजेंटों का पर्दाफाश किया जाए जिन्होंने धोखे से कंपनी का नाम लेकर वहां भेजा जहां आज तक उन्हें वेतन भी नहीं मिला।

हर पल सता रही अपनों की चिंता
गांव रामपुरा निवासी रीना बताती हैं कि उनके पति सुशील कुमार (28) महीना भर पहले ही गए हैं। डेढ़ लाख रुपये ब्याज पर लेकर एजेंट के माध्यम से मरमरा कंपनी (बगदाद से 120 किलोमीटर दूर है) में हैं। पति ने बताया कि हालात बेहद खराब हैं। कंपनी द्वारा खाने पीने की कोई सुविधा नहीं है।
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मोबाइल से पैसे खत्म होते जा रहे हैं। कंपनी वापस भी नहीं भेज रही। गांव रामपुरा के पूना राम के लड़के हुकम चंद के भी यही हालात हैं। गांव चुरनी से कर्ण पाल भी इराक के बसरा शहर में हैं। गांव रामपुर के धर्म सिंह, सुरजीत सिंह और सुशील कुमार, हुक्त चंद भी इराक में फंसे हैं। इनके अलावा गांव चुरनी के कर्णपाल, चरणपाल, गुरमीत सिंह, गांव रामपुरा के सुरजीत सिंह, धर्म सिंह, सुशील कुमार, हुक्म चंद भी वहीं पर फंसे हैं। उनके परिजनों को हर पल अपनों की चिंता सता रही है।  
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