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Karnal News: गांवों में चलेगा नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। उपायुक्त उत्तम सिंह ने जिले में पनपते नशे की समस्या को गंभीरता से लेते हुए अगले दो माह के अंदर प्रत्येक गांव में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ इसमें नशा-मुक्ति कार्यक्रमों व जागरूकता अभियानों में ग्राम पंचायतों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। वह शुक्रवार को लघु सचिवालय में जिला स्तरीय एनकॉर्ड की बैठक में बोल रहे थे।
उपायुक्त ने कहा कि नशा समाज के लिए एक गंभीर समस्या है। जिला में नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए कारगर कदम उठाए जाएं। नशा जैसी सामाजिक बुराई से छुटकारा पाने के लिए सभी का समन्वय आवश्यक है। इसलिए सभी विभाग नशे की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाएं व जिन युवाओं को नशे की लत लग चुकी है, उन्हें नशा छुड़वाने के लिए जागरूक करें।
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उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि धाकड़ कार्यक्रम के तहत जिले में संचालित सभी शैक्षणिक संस्थानों में नशे की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजन किया जाए और स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के समय समय पर बैग चेक किए जाएं। अगर किसी बच्चे के पास कोई नशीला पदार्थ पाया जाता है तो इसकी सूचना उसके माता-पिता को दें व उस बच्चे को उचित काउंसलिंग दिलाई जाए।
उन्होंने नेहरू युवा केंद्र के प्रतिनिधि को निर्देशित किया कि टीम बनाकर और स्वास्थ्य विभाग से उनकी ट्रेनिंग कराकर जिले में संचालित सभी शैक्षणिक संस्थानों में नशे की रोकथाम के लिए अधिक से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए ताकि बच्चों को नशे के बारे में जागरूक करके नशे से दूर रखा जा सके। जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी भी नशा मुक्ति अभियानों का प्रचार करें। नशा छोड़ चुके लोगों की सफलता की कहानी लोगों तक पहुंचाएं।

बैठक में एसपी गंगाराम पुनिया, डीएसपी वीर सिंह, जिला न्यायवादी पंकज, उप सिविल सर्जन सिम्मी, उच्चतर शिक्षा विभाग से सुभाष शर्मा, रेडक्रॉस सचिव कुलबीर मलिक, जिला शिक्षा विभाग से उप-अधीक्षक गुलशन, एडीए संतराम, जिला बाल कल्याण अधिकारी कृष्णा भारद्वाज, ड्रग नियंत्रक विकास राठी मौजूद रहे।
एसडीएम के निर्देश पर हो नशा मुक्ति केंद्रों की जांच
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रो की संयुक्त जांच एसडीएम के निर्देशानुसार की जाए। उप-पुलिस अधीक्षक तथा जिला न्यायवादी से कहा कि एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत दर्ज किए गए केसों तथा जब्त की गई नशे की सामग्री की विस्तृत रिपोर्ट व कुल विचाराधीन मामलों की पूर्ण रिपोर्ट बनाकर बैठक में प्रस्तुत करें। शैक्षणिक संस्थानों के नजदीक दुकानों, क्लबों और अहातों में जांच करें, नशा मिलने पर सख्त कार्रवाई करें।
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केमिस्ट की दुकानों का भी करें निरीक्षण
उपायुक्त ने औषधि नियंत्रण अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी केमिस्ट दुकानों का निरीक्षण करें तथा नशा या नशीली दवाई पाए जाने पर कार्रवाई करें। ड्रग औषधि व पुलिस विभाग को आपस में तालमेल बैठाते हुए जिले की केमिस्ट की दुकानों और नशा खरीदने-बेचने वाले स्थानों का निरीक्षण करने को कहा। शैक्षणिक संस्थानों में नशे से ग्रसित विद्यार्थियों की पहचान करें और उनकी नशा करने की लत को छुड़वाने के लिए उचित काउंसिलिंग प्रदान करें।
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