क्षेत्र के गांव डाचर में चाची ने ही दो लाख 10 हजार रुपये में डेढ़ साल के मासूम को बेच दिया। मामला सामने आने के बाद परिजनों की सूचना पर पुलिस ने बच्चे को काछवा से सकुशल बरामद कर लिया है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।
पुलिस को दी शिकायत में गुरमीत कौर वासी डाचर ने बताया कि बीते 19 सितंबर को उसकी पुत्रवधू मनमीत कौर अपने दो बच्चों लड़का डेढ़ साल और लड़की तीन साल को लेकर घर से लापता हो गयी थी। इसकी रिपोर्ट भी करवाई गई थी। 22 सितंबर को तरावड़ी पुलिस उसकी पुत्रवधू को गांव डाचर छोड़ गयी थी। इस दौरान वह लड़की को साथ लेकर आई थी पर लड़का उसके साथ नहीं था। बाद में पता चला कि छोटी पुत्रवधू राजविंद्र कौर उर्फ राज वासी डाचर ने जसपाल सिंह और इसकी बेटी गुरमहक कौर वासी तरावड़ी से मिल कर साजिश के तहत मनमीत को घर से फरार कराया था। इसके बाद जसपाल सिंह की पत्नी सिमरनजीत ने बबली व इसके पति मंगल सिंह वासी तरावड़ी और बलविंदर के साथ मिलीभगत कर उसके पोते हरमन सिंह को बेच दिया। पूछताछ में पता चला कि काछवा निवासी संदीप कौर पत्नी साहब ने बच्चे को दो लाख 10 हजार रुपये में खरीदा है। बच्चे को बेचने के आरोप चाची पर लगाये जा रहे हैं। वहीं, यह बात भी सामने आई है कि जब बच्चा बेचा गया था तो लिखित में प्रूफ लिया गया था, जिसके दस्तावेज भी सामने आने की बात हो रही है। पुलिस अधिकारी बलजीत के अनुसार गुरमीत कौर की शिकायत पर छह नामजद सहित अन्य लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
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पुलिस जांच में उठेगा पर्दा।
पुलिस जांच में कई पहलुओं से पर्दा उठना बाकी है। जैसे कि किस वजह से मनमीत कौर घर से गयी थी और कहां रही। यह जांच का विषय होगा। जब वापस आयी तो सिर्फ लड़की के साथ क्यों आयी और लड़का कहां छोड़कर आई। मनमीत कौर की देवरानी ने उसके लड़के को कहां से उठाया और किस वजह से बेचा। इन सब पहलुओं पर पुलिस जांच के बाद ही पर्दा उठेगा।