स्टेडियम में भरा बारिश का पानी।
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अगस्त में हुई 268.7 एमएम बारिश ने पिछले तीन सालों का रिकॉर्ड तोड़ा है। इस बार जुलाई में बारिश बेहद कम हुई है। जिले में अब तक के मानसून सीजन में 551 एमएम बारिश हुई है, जबकि इस पूरे साल में 600 एमएम बारिश दर्ज की गई है। बारिश का सिलसिला अभी जारी है। मौसम विभाग की माने तो इस बार पिछले सालों के रिकॉर्ड टूटने की पूरी उम्मीद है।
इस बार जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही मानसून का आगमन हो गया था, लेकिन पूरा माह हल्की फुहारों व बादलों की आवाजाही में ही निकल गया। इस पूरे माह में 283 एमएम बारिश हुई। जो पिछले वर्षों की तुलना में करीब 25 फीसदी कम रही। लेकिन अगस्त में लगी सावन की झड़ी ने काफी हद तक लोगों को राहत दी। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक अगस्त में 268.7 एमएम बारिश हो चुकी है। जो वर्ष 2012 के 303 एमएम के रिकॉर्ड से अभी पीछे है। यदि आने वाले चार दिनों में 50 एमएम बारिश भी हुई तो, पिछले दस सालों में सबसे अधिक बारिश होने का रिकॉर्ड टूटने की संभावना है।
दो दिनों में पांच एमएम बारिश
रविवार को देर शाम से शुरू हुई बूंदाबांदी के बाद सोमवार को सुबह के समय कई जगह पर बारिश हुई और दिन में भी हल्की फुहारों के साथ मौसम का मिजाज बदला रहा। मौसम विभाग ने पिछले दो दिनों में अब तक पांच एमएम बारिश होने की बात कही है। वहीं लगातार पूर्व दिशा से उमड़ उमड़कर आ रही घनघोर घटाओं के चलते अगले 24 घंटों में जिले में बारिश होने की पूरी संभावना है।
अगस्त में हुई बारिश के आंकड़े
वर्ष वर्षा एमएम
2012 303.2
2013 275.3
2014 54.8
2015 69.8
2016 268.7
बारिश ने दिलाई गर्मी से राहत
रविवार को देर शाम से बदले मौसम के मिजाज ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत प्रदान की है। शहर में हो रही हल्की बूंदाबांदी व पूर्वा हवाओं के चलते अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। बारिश के चलते शहर का अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री तक पहुंच गया है, वहीं न्यूनतम तापमान में भी 20 डिग्री पर पहुंच गया है। तापमान में गिरावट के साथ ही शहर मेें बिजली की खपत में भी कमी आई है। खेतों में जलभराव के चलते किसानों ने अपने ट्यूबवेल बंद कर दिए हैं। वहीं घरों में चलने वाले एसी व कूलरों को भी राहत मिली है। पिछले एक माह से बिजली की खपत 1.35 करोड़ से कम होकर 90 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। इससे बिजली निगम व उपभोक्ताओं को करोड़ो रुपये के फायदा हुआ है।