क्षेत्र में उस वक्त दहशत का माहौल पैदा हो गया जब गांव रत्तक के नजदीक
तीन हथियारबंद बाइक सवारों ने चलती कार को रोककर उसमें बैठी एक युवती का
अपहरण करने की कोशिश की।
आरोपियों की धरपकड़ व उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग
को लेकर क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने पहले घटनास्थल और बाद में जींद मार्ग
पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कसबे के एक गांव की युवती
भाई के साथ असंध से दवा लेकर गांव लौट रही थी। आरोप है कि गांव रत्तक के
नजदीक तीन युवकों ने उनकी कार का पीछा किया और गांव से निकलते ही उनकी
गाड़ी के आगे बाइक अड़ाकर कार को जबरन रुकवा लिया।
युवकों ने डंडे के साथ
कार का शीशा तोड़ा और उसमें से युवती को बाहर खींचकर उसका अपहरण करने की
कोशिश की। ग्रामीणों ने बताया कि युवती की चीखें सुन नजदीक के डेरे से एक
युवक मंजीत दौड़कर कार के पास पहुंचा और संघर्ष के बाद युवती को आरोपियों
से मुक्त करवाने में कामयाब हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही सैकड़ों लोग
घटनास्थल पर पहुंच गए और दो घंटे जाम लगाकर आरोपियों की धरपकड़ की मांग की।
मौके पर पुलिस पीसीआर पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने नगर के मुख्य चौक पर
जाम लगा दिया और तकरीबन दो घंटे करनाल, कैथल, जींद व सफीदों मार्ग को
जोड़ने वाले इस चौक पर डटे रहे। डीएसपी श्यामलाल कौशिक व थाना प्रभारी
जगदीश चंद द्वारा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद
ही ग्रामीण जाम खोलने को राजी हुए।
डीएसपी श्यामलाल कौशिक व थाना
प्रभारी जगदीश चंद ने बताया कि युवती के बयान पर गांव रत्तक निवासी
तलविंद्र सिंह, जगबीर व मलकीत के खिलाफ अपहरण की कोशिश, छेड़छाड़, जान से
मारने की धमकी, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उनकी
धरपकड़ के लिए टीमें गठित कर दी हैं।