करनाल। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने शिव मंदिर फूसगढ़ में भगवान शिव कथा आयोजित की। साध्वी सुश्री त्रिवेणी भारती ने प्रवचन करते हुए कहा कि परमात्मा को पाना हमारे जीवन का परम ध्येय हैं। भक्ति के अभाव में मानव अनुचित मार्ग पर बढ़ रहा हैं। जब तक हमारे जीवन में भगवान का आगमन नहीं होता तब तक हमें उचित अनुचित मार्ग का बोध नहीं हो सकता। अध्यात्म ज्ञान से शुभ संस्कार जन्म लेते हैं और संस्कारों से मानव श्रेष्ठ व सभ्य बनता हैं। संस्कारों का जन्म संस्कृति से होता है और हम जानते हैं कि जो पाश्चात्य संस्कृति है वह भोगवाद पर आधारित हैं। संवाद