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एटीएम उखाड़ने के मामले में तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

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फूसगढ़ रोड से एटीएम उखाड़कर रेहड़ी में ले जाने के मामले को तीन दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ कोई भी अहम सुराग नहीं लगा है। पुलिस ने एटीएम की भी फुटेज निकलवाई है लेकिन उस फुटेज में भी चोरों का चेहरा साफ नजर नहीं आ रहा है। पुलिस ने चौकीदार से भी जानकारी ली लेकिन वहां से भी पुलिस को कोई खास जानकारी नहीं मिली है। 16 जुलाई की रात को तीन चोरों ने फूसगढ़ स्थित टाटा इंडिकैश कंपनी के एटीएम को उखाड़ लिया था। उसे रेहड़ी में लादकर ले जा रहे थे। जब वह करीब एक किलोमीटर तक चले तो उन्हें चौकीदार हरिप्रसाद ने टोक लिया कि वह रेहड़ी में क्या ले रहे हैं क्योंकि दो युवक रेहड़ी को चला रहे थे और एक बाइक पर पीछे से पांव से धक्का लगा रहा था। चोरों ने एटीएम को कपड़े से ढका हुआ था। चौकीदार के पूछने पर तीनों चोरों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद कॉलोनी के लोग जाग गए और जब वह घर से बाहर आए तो तीनों चोर एटीएम को छोड़कर फरार हो गए। एटीएम में उस दौरान दो लाख 93 हजार रुपये थे। जांच अधिकारी बलराज ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है अभी चोरों को कोई अहम सुराग नहीं लगा है।
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फूसगढ़ रोड से टाटा इंडीकैश कंपनी के एटीएम को उखाड़ कर भागने वाले चोरों से भिड़ने वाले चौकीदार और एक अन्य व्यक्ति को एसपी ने सम्मानित किया है। पुलिस अधीक्षक करनाल सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि चोरी की वारदात को असफल बनाने वाले चौकीदार हरीप्रसाद निवासी नेपाल हाल कर्ण विहार करनाल और संग्राम सिंह पुत्र सतपाल सिंह वासी प्यौत हाल कर्ण विहार करनाल को नगद ईनाम और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। उन्होेंने बताया कि घटना को अंजाम देकर जब आरोपी जा रहे थे तो चौकीदार हरी प्रसाद चौकन्ना हो गए। जब उसने उनसे पूछा कि आप लोग कौन हो और यह क्या लेकर जा रहे हो। अपराधियों ने डरकर चौकीदार हरीप्रसाद का मुंह दबाकर उसे पीटना शुरू कर दिया। हरीप्रसाद ने चिल्लाकर आसपास के लोगों को जगाया। संग्राम सिंह चौकीदार की आवाज सुनकर आरोपियों के पीछे दौड़ा और आरोपी लोगों को आता देखकर एटीएम व रेहड़ी को छोड़कर मौके से भाग निकले। एसपी ने उनकी प्रशंसा करते कहा कि उन्होंने बहादुरी का परिचय देकर चोरी की एक घटना को होने से बचाया। इस तरह पुलिस का सहयोग करने वालों को पुलिस की तरफ से पूरा सहयोग किया जाएगा। जांच के दौरान कभी भी परेशान नहीं किया जाएगा।
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