फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: पराली जलने से बढ़े अस्थमा के रोगी

Sat, 26 Oct 2024 04:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। जिले में पराली जलने के बाद नागरिक अस्पताल में सांस से संबंधित मरीज बढ़ने लगे हैं। पहले ओपीडी में 25-30 मरीज पहुंच रहे थे। वहीं प्रदूषण के चलते पिछले दो सप्ताह से 80 से 100 मरीज सांस पहुंच रहे है। इसमें खास बात ये है कि इनमें से 30 लोगों को इन्हेलर की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में चिकित्सक बिना वजह घर से बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं।
विज्ञापन

जिला नागरिक अस्पताल के टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि सांस में कमी महसूस होना, सीने में दबाव या असहजता, बच्चों में अस्थमा का एक सामान्य संकेत सांस छोड़ते समय श्वसन ध्वनि सुनाई देना सहित नींद लेने की कोशिश करते समय सांस लेने में परेशानी के कारण खांसी होना अस्थमा के प्रमुख लक्षणों में शामिल है।

उन्होंने बताया कि ओपीडी में रोजाना 100 में से 30 मरीजों को इन्हेलर की जरूरत पड़ती है।

वहीं दूसरी ओर डिस्पेंसरी से अब रोजाना 250 कफ सिरप खपत है। जहां पहले यह 120 से 140 के बीच थी। उन्होंने बताया कि यदि सांस की बीमारी संबंधित मरीज बचाव हिदायतों का पालन नहीं करेंगे तो उन्हें अधिक परेशानी उठानी पड़ सकती है। मौसम में रोजाना परिवर्तन देखा जा रहा है। दिन ढलते ही ग्रामीण इलाकों में पराली जलने से धुएं का गुब्बार छाना शुरू हो जाता है। अगर वायु प्रदूषण का स्तर कम नहीं हुआ तो यह जिले के लिए लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है।
विज्ञापन


वायु प्रदूषण से बचने के उपायः घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। घर में अगरबत्ती, धूपबत्ती, कोयला वगैरह न जलाएं। झाड़ू लगाने की जगह वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करें। तुलसी या अदरक की चाय पीयें। ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करें। विटामिन-सी वाले फल और सब्जियों खाएं। बाहर निकलने पर मास्क पहनें। संवाद
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें