संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। स्वास्थ्य विभाग नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल के माध्यम से आशा वर्करों के ज्ञान की जांच करेगा। इसके लिए 22 दिसंबर को परीक्षा आयोजित की जाएगी।
जिसमें 110 आशा वर्कर हिस्सा लेंगी। यह परीक्षा प्रैक्टिकल व लिखित रूप में होगी। जिला आशा कोऑर्डिनेटर संजीव कुमार ने बताया कि प्रैक्टिकल में आशा वर्करों से हाथ धोने की सही विधि, ठंड में नवजात को पकड़ने की सही विधि, थर्मामीटर से जांच, वेट मशीन पर वजन तोलने की विधि जानी जाएगी। लिखित परीक्षा में डेंगू, मलेरिया, एनीमिया, पोषण व टीकाकरण के बारे में प्रश्न पूछे जाएंगे। इस परीक्षा में पास होने वाली आशा वर्करों को स्वास्थ्य विभाग इनाम स्वरूप पांच हजार रुपये देगा।
स्वास्थ्य विभाग के सभी कार्यक्रम आशा वर्करों पर ही निर्भर रहते हैं। जच्चा बच्चा का होने वाला टीकाकरण, बच्चे का डेढ़ माह तक वजन तोलने, गर्भवतियों को डिलीवरी के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर लाने, स्वास्थ्य जांच कैंप में गर्भवतियों की जांच कराने की जिम्मेदारी आशा वर्करों की ही है। इसलिए जच्चा बच्चा के बेहतर स्वास्थ्य को देखते हुए यह परीक्षा ली जाएगी। जिले में कुल 1172 आशा वर्कर हैं
स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय समय पर आशा वर्करों की परीक्षा ली जाती है। जिससे उनके ज्ञान में वृद्धि होती है और उन्हें पांच हजार रुपये इनाम के रूप में भी दिए जाते हैं। पिछली परीक्षा में 483 आशा वर्करों ने हिस्सा लिया था। जिसमें 458 आशा वर्करों ने परीक्षा को पास कर लिया है।
डॉ. नीलम वर्मा, डिप्टी सीएमओ करनाल।