कुरुक्षेत्र के प्राची तीर्थ स्थित मंदिर पुजारी ने आसाराम के समर्थकों पर मंदिर को खाली करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। धमकी की सूचना मिलते ही कॉलोनीवासी एकत्रित हो गए और आसाराम के समर्थकों पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाते हुए इसकी सूचना पुलिस को की।
मंदिर के पुजारी सीताराम दास ने बताया कि रविवार को आसाराम के समर्थक उनके पास आए और मंदिर को खाली करके जाने के लिए कहने लगे। इतना ही नहीं उन्होंने उसे धमकी भी दी है कि यदि वे मंदिर खाली करके नहीं गए तो वे उसके साथ मारपीट भी कर सकते है।
इसी बीच कॉलोनीवासी भी मौके पर पहुंच गए और पुजारी का समर्थन करते हुए आसाराम के समर्थकों पर धमकाने तथा बेवजह परेशान करने का भी आरोप लगाया।
कॉलोनी निवासी कुसुम रानी, जयभगवान सैनी, राजेश कुमार आदि ने बताया कि प्राची तीर्थ के पास आसाराम ने अपना आश्रम बनाया हुआ है, जिसको लेकर कई बार कॉलोनी वासियों के साथ उनका विवाद हो चुका है और आज प्राची मंदिर के पुजारी को भी आसाराम के समर्थक धमकी देकर गए हैं कि मंदिर को जल्द से जल्द खाली कर दे अन्यथा वे उसे खुद खदेड़ देंगे। कॉलोनीवासियों ने बताया कि आसाराम के समर्थक पुजारी को धमका रहे थे। जब वहां कॉलोनी के लोग पहुंचे तो वे धमकी देकर खिसकते बने।
इतना ही नहीं कॉलोनी वासियों ने यह भी बताया कि आसाराम के समर्थक इस प्राची मंदिर पर कब्जा करने के बाद खुद कार्यभार संभालना चाहते हैं। वहीं कॉलोनीवासियों ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और पुजारी तथा कॉलोनी वासियों से जानकारी हासिल की।
कृष्ण गेट चौकी पुलिस ने बताया कि इससे पहले आसाराम के समर्थक एक शिकायत देकर गए थे, जिसमें बताया गया कि असामाजिक तत्व आश्रम के आसपास खड़े रहते है और बड़ा विवाद कर सकते हैं। इसके बाद वे खुद भी आश्रम के आसपास देखकर आए थे लेकिन कुछ समय बाद उन्हें सूचना मिली कि आश्रमों के समर्थकों ने किसी पुजारी को मंदिर छोड़ने की धमकी दी है।
इसके बाद वे दोबारा फिर मंदिर व आश्रम के पास पहुंचे। पुलिस के अनुसार उन्होंने दोनों पक्षों को पुलिस चौकी में बुलाया है। इतना ही नहीं उन्होंने जिस प्रकार से पुजारी ने शिकायत दी है उसके आधार पर जांच भी शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार जो इस मामले में दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।