- हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के राज्य चेयरमैन ने शीघ्र आढ़त जारी करने की उठाई मांग
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा में गेहूं की खरीद संपन्न हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है। किसानों के खाते में तो भुगतान पहुंच गया लेकिन राज्य के करीब 35 हजार आढ़तियों को अभी भी आढ़त (दामी) नहीं मिल सकी है, जो करीब 336 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जिससे आढ़तियों के मुनीमों और अन्य कर्मचारियों को भी पारिश्रमिक नहीं मिल पा रहा है।
हरियाणा नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के राज्य चेयरमैन रजनीश चौधरी ने बताया कि गेहूं के पूरे सीजन में प्रदेशभर के आढ़तियों ने पूरा सहयोग किया। हरियाणा सरकार ने आढ़तियों को विश्वास दिलाया था कि गेहूं खरीद समाप्त होने के एक सप्ताह के अंदर ही आढ़तियों को उनकी आढ़त मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि ई-खरीद के अनुसार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 4520.14 करोड़, हैफेड ने 3787.30 करोड़ रुपये सहित विभिन्न एजेंसियों ने 16803.51 करोड़ रुपये का गेहूं खरीदा था, जिसके तहत एक मोटे अनुमान के तहत करीब 336 करोड़ रुपये की आढ़त बनती है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में विभिन्न अनाज मंडियों में करीब 35 हजार आढ़ती हैं जो गेहूं खरीद के कार्य में सहयोग करते हैं। हरियाणा सरकार ने अभी तक पूरे राज्य में किसी भी आढ़ती को उसकी आढ़त जारी नहीं की है। प्रत्येक आढ़ती की आढ़त पर एक या दो मुनीम होते हैं, चार पांच अन्य कर्मचारी श्रमिक होते हैं, जो सीजन में खरीद कार्य में सहयोग करते हैं। आढ़तियों के अपने खर्च भी होते हैं। अब जब आढ़तियों को ही आढ़त नहीं मिली तो मुनीमों व अन्य कर्मचारियों को उनके भुगतान कैसे मिलेगा। सभी कुछ आढ़त पर ही निर्भर होता है। रजनीश चौधरी ने कहा कि आढ़त नहीं मिलने के कारण आढ़तियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।