गांव अराईपुरा हुआ खुले में शौच मुक्त
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गांव अराईपुरा को खुले में शौच मुक्त करने के लिए ग्राम पंचायत की ओर से जागरूकता निकाली गई। इसमें सरकारी व निजी स्कूलों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सरपंच महेंद्र सिंह ने कहा कि साफ-सफाई और स्वच्छता के लिए मावल्यान्नांग (मेघालय) गांव वर्ष 2003 में एशिया का सबसे साफ गांव बना। इसके बाद 2005 में यह गांव भारत का सबसे साफ गांव बना। इस गांव के लोगों की सबसे खास बात यह है कि वे साफ-सफाई के लिए प्रशासन पर आश्रित नहीं रहते, बल्कि स्वयं ही सफाई का बीड़ा उठाते हैं। हमें इस गांव से सीखना चाहिए।
गांव अराईपुरा की ओर से खुले में शौच मुक्त को लेकर आयोजित जागरूकता रैली को हरी झंडी सरपंच महेंद्र सिंह उर्फ अरग सिंह ने दिखाई। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अराईपुरा, शहीद भगत सिंह स्कूल व गीता निकेतन स्कूल के छात्रों ने ग्रामीणों को खुले में शौच मुक्त के प्रति जागरूक किया। सरपंच महेंद्र सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि खुले में शौच करने से न सिर्फ वातावरण दूषित होता है, बल्कि बीमारियों का कारण भी बनता है। इस मौके पर विरेंद्र दलाल, मॉटिवेटर रेनूभूषण, गीता निकेतन स्कूल प्रिंसिपल अनिल कुमार, सरकारी स्कूल प्रिंसिपल राजेश शर्मा, नरेंद्र सिंह, ब्रह्मजीत सिंह, अशोक कुमार, बलबीर सिंह, संजीव कुमार, संजय मास्टर, अजय कुमार आदि मौजूद रहे।