संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। विश्व एंटीबायोटिक जागरूकता सप्ताह के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को एंटीबायोटिक के गलत और जरूरत से ज्यादा और बिना डॉक्टरों की सलाह के इस्तेमाल करने को चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि हर बुखार, सिरदर्द या सामान्य दर्द में एंटीबायोटिक लेने की आदत अब सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है जो अधिक मात्रा में और डॉक्टर की सलाह के बिना लेने पर पाचन तंत्र खराब करने से लेकर लिवर और किडनी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।
जिला नागरिक अस्पताल से वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलबीर के अनुसार, बार-बार एंटीबायोटिक लेने से शरीर में दवाइयों के प्रति सहनशीलता बढ़ जाती है। ऐसे में सामान्य बैक्टीरिया भी मजबूत हो जाते हैं और इलाज मुश्किल होने लगता है। खासतौर पर जब मरीज दवा का पूरा कोर्स बीच में ही बंद कर देते हैं, तब कीटाणु और ज्यादा ताकतवर बनकर दोबारा हमला करते हैं। यही आगे चलकर सुपरबग बन जाते हैं, यानी ऐसे जीवाणु जिन पर सामान्य एंटीबायोटिक बिल्कुल काम नहीं करती।
- क्या है एंटीबायोटिक
डॉ. कुलबीर ने कहा कि एंटीबायोटिक एक ऐसी दवा होती है जो बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण को खत्म करने के लिए दी जाती है। एंटीबायोटिक कोई सामान्य दर्द-बुखार की दवा नहीं है। इसे तभी दिया जाता है जब शरीर में बैक्टीरियल संक्रमण की पुष्टि हो। ज्यादा या गलत एंटीबायोटिक लेने से शरीर को कई बड़े नुकसान हो सकते हैं।
- ये हो सकते हैं नुकसान
कीटाणु और ताकतवर हो जाते और सामान्य दवा काम नहीं करतीं
अच्छे बैक्टीरिया को भी मर जाते है, इम्युनिटी कमजोर होने लगती है
पाचन तंत्र प्रभावित होता है, लिवर और किडनी पर दबाव बढ़ता है
भविष्य में छोटी-छोटी बीमारियों का इलाज भी मुश्किल हो सकता है