एक के बाद लगातार एक बढ़ रहे डेंगू के पाजिटिव केसों के बाद बेशक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को घर-घर जाकर जागरूक करने में जुटी है, लेकिन डेंगू का डर अभी भी लोगों में है। सोमवार को चंडीगढ़ पीजीआई में शिव कॉलोनी की गली नंबर एक निवासी सुषमा की मौत हो गई।
सुषमा को संदिग्ध डेंगू बताया जा रहा था। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अब तक जिले में एक भी डेंगू के मरीज की मौत की पुष्टि नहीं की है। लेकिन अब तक करनाल शहर में शिव कॉलोनी में दो महिलाओं, चांद सराए में एक महिला व बहादुरचंद कॉलोनी में एक महिला सहित चार अन्य लोगों व कृष्णा नगर में एक महिला की संदिग्ध डेंगू से मौत हो चुकी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम प्राइवेट डॉक्टरों की रिपोर्ट को सिरे से खारीज करते हुए जिले में एक भी मरीज की मौत नहीं होने का दावा कर रही है।
विभाग के प्रयासों पर जनता फेर रही पानी
लोगों को डेंगू से बचाने में जुटी स्वास्थ्य विभाग की चार टीमों के सामने जनता ही सबसे बड़ी बाधा है। बताने व समझाने के बाद भी लोग घरों से पानी को खाली नहीं कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक करीब 30 हजार घरों में जाकर लोगों का डेंगू से आगाह कर चुकी है।
सोमवार को टीमों ने चांद सराए, इंदिरा कॉलोनी, अर्जुन गेट व शिव कॉलोनी में घर-घर जाकर लोगों का डेंगू की जानकारी दी। इस दौरान एक घर में किसी गांव के सरपंच के द्वारा डेयरी चलाई जा रही थी। यहां पर टीम को डेंगू का लार्वा मिला। इसी घर में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहले भी लार्वा को खत्म करने के लिए पानी खाली करने के निर्देश देकर गई थी, लेकिन घरवालों ने इस पर कोई ध्यान देना जरूरी नहीं समझा। सोमवार को फिर से इस परिवार को सलाह दी गई।
नहीं लगा पा रही टीम जुर्माना
डेंगू के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए डीसी ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को लार्वा पाए जाने वाले घरों पर 200 रुपये जुर्माना करने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ऐसा नहीं कर पा रही है। चूंकि टीम जहां ऐसा करती है ग्रामीण टीम से लड़ना शुरू कर देते हैं।
कोट
अब तक जिले में डेंगू से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। प्राइवेट डॉक्टर लोगों का गुमराह कर रहे हैं। इसकी रिपोर्ट सीएमओ के पास भेजी जाएगी। 31 डेंगू के अभी तक पाजिटिव केस पाए गए हैं।
डॉ. सरोज बाला, डिप्टी सीएमओ करनाल।