बाद में आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी तक परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। हालांकि, थाना प्रभारी के समझाने पर परिजन शांत हुए। सिविल लाइन थाना पुलिस ने एक निजी अस्पताल के डॉक्टर व उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किया है। फिलहाल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सेक्टर-12 स्थित अस्पताल में कार्यरत नर्स 23 वर्षीय सोनिया शर्मा ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। आनन-फानन में उसे अस्पताल लाया, जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर संजय पाठक पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। नर्स के पति सुरेंद्र का आरोप है कि डॉक्टर व इसका भाई नर्स सोनिया को प्रताड़ित करते थे। परेशान करने के लिए उस पर तंज कसते थे। इससे परेशान होकर उसने आत्महत्या की है। पीड़ितों ने बताया कि अस्पताल में नर्स डेढ़ साल से कार्यरत थी। पुलिस ने अस्पताल के डॉक्टर संजय पाठक, डॉक्टर के भाई के खिलाफ धारा 306 के तहत केस दर्ज किया। परिजनों ने अस्पताल में पुलिस के आगे आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग उठाई। दोपहर को पुलिस ने शव को कब्जे में पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल रखवा दिया। हालांकि, परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया।
सिविल लाइन थाना प्रभारी प्रतीक कुमार का कहना है आरोपी डा. संजय पाठक व उसके परिवार सदस्यों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। उधर, आरोपी डॉक्टर संजय पाठक ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खुद को निर्दोष बताया है।