- 25 मई से तीन जून तक दिल्ली में किया जा रहा प्रतियोगिता का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में शूटर अनीश बनवाला ने 25 मीटर रेपिड फायर में स्वर्ण पदक जीत कर जिले का नाम रोशन किया है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन 25 मई से तीन जून तक दिल्ली में किया जा रहा है। जिसमें देशभर से काफी शूटर भाग ले रहे हैं।
इससे पहले अनीश अजरबैजान की राजधानी बाकू में नौ से 15 मई तक आयोजित सीनियर वर्ल्ड कप में भी काफी अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं, हालांकि यहां वह पदक से चूक गए। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण जीतने के बाद उनका लक्ष्य अगस्त माह में अजरबैजान की राजधानी बाकू में आयोजित होने वाले विश्व चैंपियनशिप और सितंबर माह में चाइना में होने वाले एशियन गेम पर है। इसके लिए वह दिल्ली स्थित करणी सिंह शूटिंग रेंज में कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। शनिवार को दिल्ली में आयोजित प्रतियोगिता में अनीश ने मानव रचना यूनिवर्सिटी की ओर से भाग लिया।
माॅडर्न पेंटाथलॉन से की थी शुरूआत
करनाल में जन्मे इंटरनेशनल शूटर अनीश बनवाला ने कभी माॅडर्न पेंटाथलॉन गेम से शुरूआत की थी। जिसमें पांच खेल पिस्टल शूटिंग, फेंसिंग, स्वीमिंग, हॉर्स राइडिंग और रनिंग शामिल हैं। बेहतर प्रदर्शन के दम पर अनीश ने नेशनल स्तर पर कई पदक अपने नाम किए, लेकिन फिर एक दिन डीएसपी जो खुद शूटिंग में कॉमनवेल्थ गेम में स्वर्ण पदक विजेता हैं, उन्होंने अनीश को शूटिंग पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
कॉमनवेल्थ में जीत चुका सोना
अनीश ने 2023 सीनियर शूटिंग वर्ल्ड कप के 25 मीटर रेपिड फायर में 12 साल बाद भारत को ब्रांज मेडल दिलाया था। उससे पहले 2022 में सीनियर वर्ल्ड कप में एक स्वर्ण मिला था। वर्ष 2018 में आस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम के 25 मीटर रेपिड फायर में अनीश ने देश को स्वर्ण पदक दिलाया था। उस समय वह 10वीं कक्षा में पढ़ते थे। अनीश अब तक नेशनल में 66 और इंटरनेशनल में करीब 30 पदक अपने नाम कर चुके हैं।
बहन भी शूटर
पिता जगपाल बनवाला ने बताया कि अनीश और उसकी बड़ी बहन मुस्कान दोनों शूटर हैं। फरवरी 2018 में सिडनी में आयोजित जूनियर वर्ल्ड कप में इंडिविजुअल में मुस्कान और अनीश ने एक साथ स्वर्ण पदक हासिल किया था। मुस्कान 25 मीटर स्पोर्ट पिस्टल और अनीश ने 25 मीटर रेपिड फायर में भाग लिया था। अनीश का लक्ष्य 2024 में पेरिस (फ्रांस) में आयोजित होने वाले ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण लेकर आना है। अनीश को तराशने में पिता जगपाल बनवाला का बड़ा त्याग है। जिन्होंने अपने बेटे के भविष्य के लिए वकालत छोड़कर 2015 में फरीदाबाद का रुख किया और अनीश को दिल्ली की करणी सिंह शूटिंग रेंज से प्रशिक्षण दिलाना शुरू किया। वहीं पर अनीश शूटिंग की बारीकियां सीखने के साथ-साथ फरीदाबाद स्थित मानव रचना यूनिवर्सिटी से बीबीए फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहे हैं।