फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आक्रोशित किसानों ने टॉवर लाइन के गड्ढों में भरी मिट्टी

विज्ञापन
असंध गांव बंदराला के पास बिजली निगम द्वारा खोदे गड्ढों के पास जमा किसान।
विज्ञापन
पानीपत रिफाइनरी से मूंड गांव के विद्युत स्टेशन तक नई टॉवर लाइन के बदले 15 लाख रुपये प्रति टॉवर मुआवजे की मांग के लिए शनिवार को किसानों ने असंध स्थित गुरुद्वारा डेरा साहिब में महापंचायत की। इसमें विभिन्न संगठनों से जुड़े सैकड़ों किसान शामिल हुए। भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतन मान व गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय कमेटी ने टॉवर लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे भरने का फैसला लिया। उसके बाद दोपहर को किसानों ने बंदराला गांव की तरफ कूच कर दिया। करीब डेढ़ घंटे के पैदल मार्च के बाद हजारों किसान बंदराला के खेतों में पहुंचे। उन्होंने पहले हाथों से और बाद में ट्रैक्टरों की मदद से टावरों की नींव को उखाड़ दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
विज्ञापन

एसडीएम मुख्यालय मुकेश कुमार, मनोज कुमार और गौरव फोगाट ने कई बार किसानों से वार्ता की। बात सिरे नहीं चढ़ पाई तो किसान उच्च अधिकारियों से बातचीत के लिए खेत में ही बैठ गए। किसानों ने आगामी रणनीति के लिए 15 सदस्यीय कमेटी का गठन किया। मामला बढ़ता देख उपायुक्त अनीश यादव, पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया व एएसपी गौरव कुमार शाम चार बजे असंध पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंचे। जहां प्रशासन के आह्वान पर 15 सदस्यीय कमेटी ने रेस्ट हाउस जाकर डीसी अनीश यादव से वार्ता की। लगभग डेढ़ घंटे चली वार्ता के बाद सोमवार को किसानों की बिजली निगम के एमडी टीएल सत्यप्रकाश से बातचीत करवाए जाने के आश्वासन पर किसान सहमत हो गए। वहीं, किसानों ने शर्त रखी की जब तक उनकी वार्ता नहीं होगी बिजली निगम के अधिकारी कोई भी काम नहीं करेंगे। न ही किसान किसी भी तरह विरोध करेंगे। इसके बाद सभी किसान अपने घरों को लौट गए। भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने एक सप्ताह पूर्व ही किसान महापंचायत का निर्णय लिया था। उसके बाद से लगातार खेतों में किसानों व प्रशासन के बीच तनाव चल रहा है। प्रशासन ने किसानों के विरोध को देखते हुए सुबह से ही पुलिस बल और वज्र वाहन तैनात कर दिए थे। जैसे ही किसानों की संख्या अचानक बढ़ गई तो प्रशासन के सारे प्रयास बौने नजर आए। प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता में किसानों की 15 सदस्यीय कमेटी में रतनमान, गुरनाम चढूनी, रवि आजाद, सुरेश कौथ, निरवैर सिंह रतक, जगदीप औलख, जगबीर संधू बंदराला, जोगिंद्र झींडा, साहब सिंह, बहादुर सिंह मेहला, मान सिंह, दिलबाग सिंह, पाला राम, भूपेंद्र लाड़ी व गुरमुख सिंह शामिल थे।
विज्ञापन

-----------------------------------------------
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें