जगाधरी अनाज मंडी में सांकेतिक धरने के दौरान नारेबाजी करती आंगनबाड़ी वर्कर। संवाद
यमुनानगर। जिले में आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन के बैनर तले बुधवार को आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों ने मानदेय न मिलने पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। सभी ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और लंबित मांगों के लिए रोष जताया गया।
जिला प्रधान कमलेश देवी ने आरोप लगाया कि सरकार और विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें महीनों से मानदेय नहीं मिला है। केंद्र सरकार का हिस्सा पिछले सात महीनों से लंबित है जबकि राज्य सरकार की ओर से मार्च माह का मानदेय भी 15 तारीख तक जारी नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह समय बच्चों के दाखिले और पढ़ाई का है, ऐसे में कॉपियां और किताबें खरीदने के लिए पैसों की जरूरत होती है लेकिन उन्हें अपनी मेहनत के लिए मोहताज होना पड़ रहा है।
प्रदर्शन कर रही वर्करों का आरोप है कि सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत प्रोत्साहन राशि की घोषणा तो करती है लेकिन उसका भुगतान नहीं किया जाता। धरने में ब्लॉक छछरौली से मिथलेश गुप्ता, रमेश बतरा, बबीता, इकबाल कौर, रीना, रादौर ब्लॉक से सर्वजीत, स्वर्णजीत, सुषमा, उषा, मीना, व्यासपुर से इंद्रजीत अन्य वर्कर और हेल्पर शामिल रहीं।
जगाधरी अनाज मंडी में सांकेतिक धरने के दौरान नारेबाजी करती आंगनबाड़ी वर्कर। संवाद
जगाधरी अनाज मंडी में सांकेतिक धरने के दौरान नारेबाजी करती आंगनबाड़ी वर्कर। संवाद