करनाल। सेहत की तरफ बढ़ते रुझान को देखते हुए अब किसानों का एक बड़ा तबका आर्गेनिक खेती की तरफ आकर्षित हो रहा है। ऐसा ही एक प्रयास जिले के सांभली गांव के किसान विमल कीर्ति ने किया है। वह एप्पल बेर की ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं। उनका दावा है कि लाखों का मुनाफा कमा कर रहे हैं। उनके फार्म को देखने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी लोग आते हैं और आनंदित होते हैं।
विमल ने बताया कि विदेशी प्रजाति के इन बेर के महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, बंगाल, केरल आदि राज्यों में बगीचे हैं। इस प्रजाति का बेर रंग और आकार में हूबहू सेब की तरह दिखता है, खास बात यह है कि इसके खाने में सेब और बेर दोनों का स्वाद आता है। एक वर्ष से भी कम समय में फल देने वाले इस बेर की बागवानी कम ऊंचाई वाले पहाड़ (जहां न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे नहीं जाता हो) और मैदानी भागों में की जा सकती है।
मित्र की सलाह मान पाई सफलता
विमल ने बताया कि उन्होंने एक मित्र की सलाह पर वर्ष 2020 में 2 एकड़ जमीन पर एप्पल बेर के लगभग 200 पौधे लगाए थे। इन पौधों में ज्यादा खाद-पानी की जरूरत नहीं है। पौधे बढ़ते भी बहुत जल्दी हैं। फल भी जल्दी आ जाता है। 2020 के जून के महीने में पौधे लगाए थे और 2021 की फरवरी में फल लेना शुरू कर दिया था। पहले बेर पर लाल रंग आता है, फिर संतरी और फिर यह पीले रंग में आ जाता है। फल बेहद मीठा होता है। इस बेर के पेड़ की विशेष देखभाल की जरूरत नहीं होती। केवल बारिश के पानी से ही काम चल जाता है। फरवरी से अप्रैल महीने तक इसका फल उतारने के बाद पेड़ों की कटिंग की जाती है। सितंबर के महीने में जैसे ही पेड़ों पर बोर आनी शुरू होती है, तब पेड़ों की जड़ के आसपास पानी को एकत्रित नहीं होने दिया जाता।
एक पेड़ से 100 किलो फल
कीर्ति के अनुसार एक बेर के पेड़ से लगभग 100 किलो बेर के फल ले सकते हैं। ये दुकान पर 80 से 120 रुपये किलो में मिलते हैं।
देश विदेश से आते है देखने
किसान विमल ने बताया कि देश-विदेश से बहुत से लोग इस खेती से प्रभावित है। वे इस खेती की जानकारी लेने के लिए आते रहते है। विदेशी लोग ऑर्गेनिक खेती की ओर काफी आकर्षित हो रहे हैं। ब्राजील से आनंद फार्म में आई युवती खलीफा ने बताया कि ऑर्गेनिक खेती से वह बहुत ज्यादा प्रभावित हूं। इस प्रकार की फार्मिंग की तकनीक को वह अपने देश में भी ले जाना चाहती हैं।