कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्थित धरोहर हरियाणा संग्रहालय को देखकर अमेरिकी डेलिगेशन हरियाणवी संस्कृति के कायल हो गए।
डेलिगेशन के प्रतिनिधि डॉ. डेविड फ्रावले ने धरोहर संग्रहालय को देखकर कहा कि विश्व की किसी यूनिवर्सिटी में धरोहर जैसा संग्रहालय नहीं है।
अमेरिका का प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार को धरोहर हरियाणा संग्रहालय का अवलोकन करने के लिए विशेष रूप से कुरुक्षेत्र पहुंचा था।
उन्होंने कहा कि धरोहर हरियाणवी संस्कृति ही नहीं, अपितु भारतीय वैदिक संस्कृति के केंद्र के रूप में भी पारंपरिक संस्कृति को संरक्षित कर रहा है।
इसके लिए उन्होंने केयू कुलपति डॉ. डीडीएस संधू के नेतृत्व में हो रहे संस्कृति संरक्षण की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी में धरोहर जैसा सांस्कृतिक केंद्र स्थापित कर केयू ने संस्कृति के संरक्षण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में यह संग्रहालय देश की युवा पीढ़ी के लिए मील के पत्थर का काम करेगा। इस मौके पर संग्रहालय के क्यूरेटर डॉ. महासिंह पूनिया ने उनको हरियाणवी संस्कृति के विविध पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी।
प्रतिनिधि मंडल ने धरोहर संग्रहालय के भाग एक एवं दो के सभी भागों का विस्तार से अवलोकन किया। इस अवसर पर उनके साथ योगिनी सांभावी, इंटिग्रेटिड इंटरनेशनल संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर राघव चौधरी तथा ब्लू कॉस्ट होटल चेन के निदेशक ले. कर्नल अशोक किनी भी उपस्थित थे।