जैन आराधना मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में प्रवचन करते पीयूष मुनि महाराज। स्वयं
करनाल। नववर्ष के स्वागत में जैन आराधना मंदिर में श्रद्धालुओं ने मां के समक्ष माथा टेक विश्व कल्याण की कामना की। उपप्रवर्तक पीयूष मुनि महाराज ने कहा कि विश्व में अनेक सभ्यताओं, संस्कृतियों और परंपराओं के अनुसार नववर्ष अलग-अलग नामों से मनाए जाते हैं। नववर्ष के सभी कैलेंडर सूर्य अथवा चंद्रमा की गति के आधार पर निर्धारित हैं। भूगोल के कारण तापमान, भौगोलिक परिस्थिति और दिन-रात अलग-अलग है। भाषागत और अन्य विशेष रूप से क्षेत्र गत विभिन्नताओं के कारण भी नववर्ष के पृथक-पृथक नाम है। उन्होंने कहा कि ईसाई परंपरा अनुसार नववर्ष सृष्टि उत्पत्ति दिवस है। इस दिन पृथ्वी तत्व रूप में स्थापित हुई और प्रकृति ने पृथ्वी को ऊर्जावान किया। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, जजपा के प्रदेशाध्यक्ष बृज शर्मा, पुलिस विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित रहे। संवाद