आढ़ती बोले कि सरकार को समय दिया गया था लेकिन संवाद नहीं किया गया। कई दिनों से धान लेकर मंडियों में मौजूद किसानों का सब्र टूट रहा है। किसानों ने मंडी में तालाबंदी कर धान को वापस ट्रालियों में भरकर दिल्ली का रुख कर दिया।
आंदोलनरत हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन और हरियाणा सरकार के बीच बृहस्पतिवार को भी हड़ताल को लेकर कोई संवाद स्थापित नहीं हो सका है। जिसके बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत अब एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता की अगुवाई में 23 सितंबर से करनाल की नई अनाज मंडी में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। इसमें आठ पदाधिकारी बैठेंगे। वहीं मंडियों में हड़ताल भी जारी रहेगी।
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इधर, बृहस्पतिवार को भी प्रदेश की सभी अनाज मंडियों में हड़ताल जारी रही। कई मंडियों में बारिश के कारण धान भीग गया। आढ़तियों और सरकार के बीच की खींचतान में पिस रहे किसानों का सब्र भी जवाब दे गया है। करनाल जिले की निसिंग मंडी में किसानों ने पहले आढ़तियों से दुकानों पर जाकर धान खरीदने का आग्रह किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर किसान अपना धान वापस ले जाने में जुट गए। घरौंडा मंडी में भी किसानों ने अपने धान को वापस ट्रालियों में रखकर दिल्ली की नरेला मंडी की ओर रुख कर लिया है।
करनाल अनाज मंडी में स्टेट चेयरमैन रजनीश चौधरी की अगुवाई में आढ़तियों ने सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक धरना दिया। रजनीश चौधरी ने बताया कि उम्मीद थी कि हरियाणा सरकार आढ़तियों की मांगों को गंभीरता से लेगी, लेकिन आज सरकार ने संवाद स्थापित करने का कोई प्रयास नहीं किया, इसलिए शुक्रवार सुबह 11 बजे से करनाल अनाज मंडी में प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता की अगुवाई में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। इसमें प्रदेशभर के जिला प्रधान व अन्य आढ़ती सहभागिता करेंगे।
इसके अलावा जीटी बेल्ट के सभी जिलों में आढ़तियों ने हड़ताल जारी रखी। किसान मंडियों में धान लेकर तो आए लेकिन बिक्री नहीं हो सकी।