आगजनी के विरोध में इंद्री में लोगों ने शांति मार्च निकाल कर प्रदेश हुए तांडव पर दुख जताया। मार्च के रूप सभी बाजारों से होकर निकले और बाजारों को बंद कराया। सुबह से शाम तक बाजार पूर्ण रूप से बंद रहे। व्यापार मंडल व विभिन्न यूनियनों और संगठनों के आह्वान पर किए गए प्रदर्शन के बाद लोगोें ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग व शांति की बहाली की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन दिया।
इस मौके पर भारत नवनिर्माण सेना के संस्थापक पंडित धर्मपाल शांडिल्य ने कहा कि जाट आरक्षण की आड़ में जो तांडव हुआ है उसे लेकर जनता में आक्रोश का माहौल बना है। इस दौरान जिन लोगों की दुकानें, मकान व संस्थानों को लूट कर आग के हवाले किया गया है उनको मुआवजा दिया जाए तथा इस मामले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मुरथल में जाट आरक्षण की आड़ में जिन महिलाओं की इज्जत लूटी है उनके दोषियों को बख्शा नहीं जाए। मामले की सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। प्रदर्शन में अमीचंद कांबोज, सतीश कुमार, शमे सिंह, कृष्ण कुमार, सुरेंद्र कुमार, सतीश भाटिया, पवन लाबा, नंद लाल सुरेंद्र राजू मिड्डा, ओम प्रकाश, राजकुमार आदि ने भी विचार रखें।
दुकान बंद कराने पर विवादइंद्री में प्रदर्शन के दौरान मढ़ाण जेसीबी दुकान पर दुकान बंद करने को लेकर विवाद हो गया। बताते हैं कि विवाद के दौरान कुछ मारपीट हो गई। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची तो दुकान के मालिक वेदपाल मढ़ाण ने कहा कि भाजपा समर्थकों ने राजनैतिक द्वेष की भावना के तहत दुकान को आग लगाने व तोड़फोड़ का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री के इशारे पर ऐसा किया गया है। इस मामले की शिकायत कर दी है। इस बारे में इंद्री पुलिस थाना प्रभारी महेंद्र कुमार ने कहा कि विभिन्न संगठनों के लोगों ने बाजार बंद कर शांति मार्च निकाला था। इस दौरान एक दुकान पर विवाद हो गया। इस मामले में शिकायत मिली है। पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है।
शहर में सद्भावना मार्च निकालाआंदोलन के दौरान कई जिलों में व्यापारियों और दुकानदारों से साथ लूटपाट व आगजनी की घटनाओं के खिलाफ शहर में सद्भावना मार्च निकाला गया। वहीं, व्यापार मंडल ने नगर की सभी बाजारों को पूर्ण रूप से बंद रखा। सामाजिक लोगों ने गोल मार्केट में इकट्ठे होकर जाट आरक्षण आंदोलन में उपद्रवियों द्वारा किए गए हिंसा व लूटपाट का विरोध जताया। गोल मार्केट से आरंभ करते हुए रेलवे रोड, कारसा रोड, नीलनगर मार्केट होते हुए लोग तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां पर पीड़ित परिवारों के लिए स्वैच्छिक कोष के तहत राहत राशी एकत्रित की गई तथा 7 मार्च को पंजाबी भवन के समीप पार्क में पीड़ित परिवारों के लिए हवन यज्ञ करने का फैसला लिया गया। सदभावना मार्च के पश्चात मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर नारायण दास वर्मा, व्यापार मंडल के सचिव राजीव आनंद, आत्मा राम कौशिक, लवली कुकरेजा, तजेन्द्र सिंह बग्गा, लवकेश सरदाना, प्रीतम जुनेजा, तरूण महेंद्रू, महेंद्र बाकिपुर, राजकुमार छाबड़ा, एडवोकेट राजेश शर्मा, प्रेम सचदेवा, बलबीर सोहलों सुमित ऐबला, लखविंद्र सिंह पूर्व सरपंच रमाणा रमाणी, सतीश वर्मा उपस्थित थे।
खुली दुकानों को बंद करवाया कस्बे की गोल मार्केट में कुछ दुकानें खुली हुई थी। शिष्टमंडल ने हाथ जोड़कर दुकानें बंद करने की अपील की। तहसीलदार को दिए ज्ञापन में कुल मांगें रखी गई, जिसमें जाट आरक्षण आंदोलन में पीड़ितों को मुआवजे व निर्दोष मारे गए लोगों के परिजनों को दस लाख व एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की गई।