माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिला योजनाकार की कार्रवाई और चेतावनी के बाद भी जिले में अवैध कॉलोनियों में प्लॉट की बिक्री का धंधा रुक नहीं रहा। जिन अवैध कॉलोनियों में डीटीपी कार्रवाई करता है कॉलोनाइजर वहां रेट बढ़ा देते हैं। ग्राहकों को बताते हैं कि नुकसान की भरपाई और आगे कार्रवाई न हो इसकी व्यवस्था के लिए अतिरिक्त खर्च होता है। जिसके कारण रेट बढ़ाने पड़ते हैं।
एक अवैध कॉलोनी में सड़क पर दुकानों के रेट 30 हजार रुपये गज थे। कार्रवाई के बाद अब 45 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं।पीछे रिहायशी प्लॉटों का रेट 15 से 18 हजार रुपये गज से बढ़कर 20 से 25 हजार रुपये हो गया है। कॉलोनी में प्लॉट खरीदने पहुंचे लोगों ने बताया कि कॉलोनाइजर के अनुसार डीटीपी ने खानापूर्ति की कार्रवाई की लेकिन बड़ी कार्रवाई उन्होंने खुद रुकवा दी है। संबंधित जमीनों के रेट बढ़ रहे हैं इसलिए बार-बार जिला प्रशासन उनकी कॉलोनियों की ओर रुख करता है। जिसे वे रुकवाने का दमखम भी भरते हैं।
असंध में कॉलोनी पर कार्रवाई
जिला प्रशासन ने शुक्रवार को भी असंध में अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई की। डीटीपी की टीम ने करीब सात एकड़ में काटी जा रही अवैध कॉलोनी में निर्माण तोड़ दिए। कॉलोनी में बिछाई गई सीवर लाइन, बिजली के खंभे और कच्ची सड़कों को उखाड़ा। डीटीपी टीम ने नगर पालिका असंध के सचिव को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट लिया। असंध थाने से पुलिस बल भी बुलाया गया।
कोई भी अवैध कॉलोनी में निर्माण न करे। कार्रवाई की जाएगी। कॉलोनाइजर प्लॉट बेचने के नाम पर लोगों से लिए गए पैसे तुंरत वापस करें। ऐसा न करने और शिकायत मिलने पर कॉलोनाइजर के खिलाफ संबंधित थाने में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। -गुंजन वर्मा, जिला योजनाकार