करनाल। रात को आठ बजे के बाद रेलवे स्टेशन पूरी तरह से नशेड़ियों का अड्डा बन जाता है। नशे में धुत नशेड़ी स्टेशन परिसर से लेकर प्लेटफार्म पर भी आ जाते हैं। कुछ नशेड़ी तो नशे में इतने चूर होते हैं कि उनका चलना तक मुश्किल हो जाता है तो कुछ नशे में पूरा उत्पात मचाते हैं। इनकी वजह से स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को परेशानी के साथ उनमें डर का माहौल बनने लगा है। हालांकि स्टेशन की सुरक्षा में आरपीएफ जवान तैनात तो रहते हैं लेकिन रात के समय उनकी गश्त कम होने की वजह से नशेड़ियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
स्टेशन के मेन गेट पर, पार्क के बीच में, फुटपाथ पर, प्लेटफार्म पर, माल गोदाम रोड, स्टेशन के सामने खाली पड़ी रेलवे की जमीन नशेड़ियों का पसंदीदा अड्डा बन चुकी है। दूसरी ओर इन नशेड़ियों की वजह से स्टेशन पर आवागमन करने वाले लोगों से लेकर आसपास के दुकानदार भी परेशान हैं।
अमर उजाला टीम ने रात के समय रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया तो नशेड़ियों के कारनामे टीम के कैमरे में कैद हो गए। स्टेशन परिसर में मुख्य गेट के पास एक नशेड़ी नशे में चूर होकर अपने सर्द रात में कपड़े उतारने तक का प्रयास कर रहा था। देखने में प्रतीत हो रहा था कि नशेड़ी ने काफी नशा किया हुआ था। उसका उठकर चलना तक काफी मुश्किल था। वहीं, एक अन्य नशेड़ी प्लेटफार्म नंबर एक पर जा पहुंचा। यहां उसने खूब उत्पात मचाया। कभी जोर जोर से चिल्लाता तो कभी यात्रियों को डराने का प्रयास करता। इसके अलावा कुछ ऐसे नशेड़ी भी मिले जो नशे की हालात में एक कंबल लेकर फुटपाथ पर ही लेटे हुए थे। तो कुछ आसपास नशा करने में जुटे हुए थे। हैरानी की बात ये है कि ये सब खुलेआम हो रहा था। इस पर नकेल कसने वाली पुलिस आसपास भी नहीं थी।
रोजाना रात को ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों ने बताया कि ये नशेड़ियों का रोज का काम है। यहां पर पुलिस की सख्ताई कम होने की वजह से इनके हौसले बुलंद है। जब पुलिस इन पर कार्रवाई नहीं करती तो वे भी इनको रोकने का प्रयास नहीं करते। आमजन को इन नशेड़ियों से डर लगता है। मौका पाते ये ही नशेड़ी हमला करने से नहीं चूकते।
नशे के लिए ये स्टेशन या आसपास चोरी चकारी का काम करते हैं। स्टेशन इनकी पंसदीदा जगह इसलिए हैं क्योंकि यहां यात्रियों का आवागमन रहता है। रात को अंधेरे का फायदा उठाकर ये आपराधिक घटना को आसानी से अंजाम दे सकते हैं। इसी वजह से कोई भी आमजन, स्थानीय दुकानदार या दैनिक यात्री इनसे उलझने का साहस नहीं करते।
वर्जन:
आरपीएफ रोजाना स्टेशन परिसर से नशेड़ियों को भगाने का काम करती रही है। हर बार रात को नशेड़ी कहीं न कहीं से आ ही जाते हैं। इनकी तादाद काफी ज्यादा है। इन पर और सख्ताई की जाएगी ताकि ये स्टेशन में न घुस पाएं। यात्रियों व स्टेशन की सुरक्षा को लेकर आरपीएफ जवान हर समय प्रतिबद्ध हैं।
सुरेंद्र सिंह, प्रभारी, आरपीएफ, करनाल।