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दाखिले में आधार कार्ड की अनिवार्यता से कई स्कूलों पर गिरेगी गाज

Thu, 10 Mar 2016 12:42 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
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एड‌िममिश्‍ान - फोटो : file
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दाखिलों के नाम पर हो रहे फर्जीवाडे़ को रोकने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से सभी राजकीय और निजी स्कूलों में नए शिक्षा सत्र 2016-17 से दाखिले के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। अब बिना आधार कार्ड के छात्र स्कूलों में एडमिशन नहीं ले सकेंगे। इससे प्रदेश में एडमिशन के फर्जीवाडे़ पर रोक लगेगी।
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अब तक प्रदेश के कई जिलों में फर्जी एडमिशन दिखाकर स्कू ल चलाने के मामले सामने आए थे। लेकिन आधार कार्ड जुड़ने से अब सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के आंकड़े स्पष्ट हो जाएंगे। ऐसे में जिन सरकारी  स्कूलों में बच्चों की संख्या कम होगी विभाग द्वारा उन स्कूलों को बंद किया जाएगा। छात्र संख्या कम होने के चलते अब तक विभाग द्वारा जिले में 15 स्कूलों को बंद किया जा चुका है तथा सात प्राइमरी स्कूल इस साल बंद होने जा रहे हैं। विभागीय सूत्रों की माने तो आधार कार्ड लागू होने से इस बार कई अन्य स्कूलों पर भी गाज गिर सकती है।

प्रदेश सरकार द्वारा स्कूलों में छात्रों की कम संख्या होने पर उन स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। राजकीय स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में गिरावट के चलते अब लोगों का रुझान कम हो गया है। इससे अब राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में छात्रों की संख्या कम हो गई है। ऐसे में विभाग के लिए उन स्कूलों का चलाना घाटे का सौदा बन गया है। ऐसे में विभाग द्वारा उन स्कूलों को बंद करने का ऐलान किया है। लेकिन कई जगह पर अध्यापक छात्रों के फर्जी एडमिशन दिखाकर स्कूलों को चला रहे थे। लेकिन इस बार स्कूलों में दाखिले के नाम पर कोई फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा।
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जिले के ये सात स्कूल होंगे बंद
स्कूलों में छात्रों की संख्या कम होने पर राजकीय प्राथमिक पाठशाला रुखनपुर, प्राथमिक पाठशाला नलवी खुर्द, प्राथमिक पाठशाला गालिबखेड़ी, प्राथमिक पाठशाला राजगढ़, प्राथमिक पाठशाला नाबियाबाद, प्राथमिक पाठशाला रामगढ़ व प्राथमिक पाठशाला इंद्रगढ़ को इस वर्ष से बंद करने का ऐलान किया।

ऑनलाइन होंगे एडमिशन
सरकारी व प्राइवेट दोनों ही स्कूल छात्रों के  ऑनलाइन एडमिशन करेंगे। जिला डाटा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हो जाएगा। दाखिलों के साथ आधार कार्ड नंबर जुड़ने से दाखिलों में फर्जीवाड़ा नहीं होगा। विभाग द्वारा सभी स्कूलों को ऑनलाइन एडमिशन को लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं।

भावी अध्यापकों के अरमानों पर फिरा पानी
स्कूलों में छात्रों की घटती संख्या और बंद होते स्कूलों ने भावी अध्यापकों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। प्रदेश में दर्जनों स्कूल बंद होने से अध्यापकों के सीटों की संख्या भी कम होती जा रही है। वर्ष 2012 में विभाग के पास करीब 16200 अध्यापकों के पद खाली थे। जिसके लिए हुड्डा सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। लेकिन दर्जनों स्कूल बंद होने से अध्यापकों की सीटें में भी हजारों में कम हो गई हैं। शिक्षा विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब प्रदेश करीब 10 हजार अध्यापकों की जरूरत है। यदि आधार कार्ड की वजह से अन्य स्कूल बंद हुए तो यह संख्या और भी कम हो सकती है। ऐसे में बरसों से सरकारी अध्यापक बनने के ख्वाब देख रहे भावी अध्यापकों के अरमानों पर पानी फिर गया है।


जिले के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कलों में छात्रों के एडमिशन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया गया है। सभी स्कूल छात्रों के आनलाइन एडमिशन करेंगे। दाखिलों के साथ आधार कार्ड नंबर जुड़ने से फर्जीवाडे़ पर भी रोक लगेगी। जो स्कूल गाइड लाइन के मुताबिक दाखिले नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- सरोज बाला गुर, जिला मौलिक शिक्षाधिकारी करनाल।
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