हरियाणा सरकार के शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने 2024 में फिर हरियाणा में भाजपा सरकार बनाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बिना भेदभाव के विकास कार्य कर रही है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी को स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि अगले महीने से शिक्षकों की भर्ती शुरू की जाएगी और करीब 20 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
स्कूलों में मनमर्जी से वर्दी और किताबें बदलने तथा फीस बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर रोक लगाई गई है, यदि कहीं ऐसा हुआ है तो अभिभावकों को शिकायत करनी चाहिए। इस पर सख्त कार्रवाई होगी।
भाजपा की जिला स्तरीय बैठक में शामिल होने कर्ण कमल कार्यालय पहुंचे शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने बैठक के बाद पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में किसी व्यक्ति या क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं किया गया जितना कार्य रोहतक में किया गया, उतना करनाल में भी हुआ।
इसे लोगों ने स्वीकार भी किया है, इसलिए हरियाणा में भाजपा ही फिर मजबूती के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। कहा कि कांग्रेस कोई पार्टी नहीं है, वहां व्यक्ति विशेष है। यहां तक ही उनके कार्यकर्ता भी व्यक्ति से ही जुड़े हैं।
आंदोलनकारी खिलाड़ियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मांग मान ली गई थी लेकिन बिना जांच के कोई कार्रवाई उचित नहीं है, इसलिए जांच चल रही है, जो दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी। गुरुग्राम व फरीदाबाद नगर निगम चुनाव में देरी के सवाल पर कंवरपाल बोले कि विपक्षी तो पंचायत चुनाव में देरी पर भी सवाल उठा रहे थे लेकिन बीसीए आरक्षण के कारण उसमें देरी हुई थी, इसमें भी कोई कारण जरूर होगा।
विपक्षी सीएम के जनसंवाद की लोकप्रियता से घबराकर दुष्प्रचार कर रहे हैं। जजपा गठबंधन पर उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव के बाद न हमारे पास बहुमत था, न उनके पास। दोनों ने गठबंधन कर सरकार बनाई, कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाया जिसमें 80 प्रतिशत वादे दोनों के एक जैसे ही थे, जिन पर पहले कार्य किया गया। उस समय चुनाव में गठबंधन पर बात नहीं हुई थी, अब हाईकमान को तय करना है।
उन्होंने स्वीकार किया कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। साथ ही कहा कि अगले महीने से 7400 के करीब टीजीटी, 4400 के करीब पीजीटी के अतिरिक्त नौ हजार अन्य शिक्षकों की भर्तियां की जाएंगी। अभिभावकों की मांग पर तीन साल से पहले वर्दी न बदलने, 10 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ाने, हर साल किताबें न बदलने व एनसीईआरटी की किताबें लगाने जैसे कार्य किए हैं, यदि किसी ने चोरी छिपे वर्दी या किताबें बदली हैं तो अभिभावकों को इसकी शिकायत करनी चाहिए।