संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अमेरिका में रह रहे अंजनथली गांव के सागर की बीती रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक सागर के पिता सुरेश उर्फ बबली अंजनथली की भी 2018 में हत्या कर दी गई थी। तभी से सागर की भी जान को खतरा बना था।
उसकी सुरक्षा के लिए परिजनों ने उसेअमेरिका भेज दिया था। वहां पर सागर ट्राॅला चलता था। वारदात से के दौरान भी वह ट्राॅला चला रहा था। सागर की मां अभी जेल में है। वहीं चाचा नरेश भी जेल से बाहर आने पर परिवार के साथ अमेरिका में रहता है। अंजनथली गांव के सरपंच विपिन ने बताया कि उन्हें भी सागर की हत्या की सूचना मिली है।
बताया गया कि अंजनथली निवासी नरेश और उसका भाई बबली उर्फ सुरेश करीब 13 साल पहले शराब ठेकेदारी करते थे। नरेश पर शराब ठेकेदार नलीपार निवासी दिलबाग की हत्या का आरोप था। इस आरोपी में नरेश जेल में भी गया था। आरोप है कि कृष्ण दादूपुर मृतक दिलबाग के साथ रहता था तो वह नरेश से दिलबाग की हत्या का बदला लेना चाहता है।
बदमाश कृष्ण दादूपुर ने 2013 में अपने साथियों के साथ मिलकर नरेश पर जानलेवा हमला किया था। जिससे उसके हाथ की अंगुली कट गई थी। फिर 2016 में नरेश पर गोली चलाई गई। फिर भी नरेश बच गया। इसके बाद 29 जुलाई 2018 को गांव अंजनथली में बबली उर्फ सुरेश की गोली मारकर हत्या की गई। इसी कड़ी में 19 जनवरी 2019 को जीटी रोड पर नरेश के साले दादुपुर खुर्द निवासी विकास उर्फ पिंटू की गोली मारकर हत्या की गई। इसके बाद 20 फरवरी 2020 को अंजनथली निवासी कपिल पर गोलियां चलाई गईं थीं।
इसमें कपिल के घर के पांच सदस्य गोली लगने से घायल हुए थे। इस मामले में बबली उर्फ सुरेश के बेटे सागर का नाम सामने आया था। कपिल पर मृतक सागर के पिता बबली की रेकी कर बदमाश कृष्ण दादूपुर को सूचना देने का आरोप था। इस कारण सागर ने अमेरिका में ही रहकर कपिल पर गोलियां चलवाई थीं। सागर की हत्या को इस रंजिश से जोड़ा जा रहा है।