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Karnal News: फर्जी डिग्री व कागजात बनवा युवक पहुंचा इंग्लैंड, डिपोर्ट

Wed, 28 Jan 2026 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। मूनक गांव निवासी अरविंद फर्जी कागजात से इंग्लैंड पहुंच गया। वहां के इमीग्रेशन अधिकारियों ने डिपोर्ट कर दिया। 24 जनवरी सुबह करीब 5 बजे दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-तीन पर लौटने के बाद भारतीय इमीग्रेशन ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हवाई अड्डा थाने में जीरो प्राथमिकी दर्ज की गई। प्राथमिकी और आरोपी के पासपोर्ट सहित पूरे मामले को मूनक थाना पुलिस को सौंप दिया गया।
हवाई अड्डा पर तैनात अतिरिक्त सहायक निरीक्षक राजाराम की शिकायत पर मूनक थाना पुलिस ने आरोपी और फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने वाले एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करके आरोपी को अदालत में पेश किया। अदालत ने अरविंद को जमानत दे दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पुलिस के अनुसार बीती 23 जनवरी को मूनक गांव निवासी अरविंद स्टडी वीजा पर इंग्लैंड गया था। वहां लंदन इमीग्रेशन ने उनके शैक्षणिक कागजात की जांच की। उनसे पूछताछ की गई। पूछताछ में सामने आया कि अरविंद ने पढ़ाई के दौरान किसी भी स्नातक परीक्षा में हिस्सा नहीं लिया था। उसने वहां के अधिकारियों को बताया कि उसके सभी शैक्षणिक दस्तावेज फर्जी हैं और एजेंट ने तैयार कराए थे। एजेंट ने इन कागजातों के बदले 19 लाख रुपये लेकर उसे इंग्लैंड का वीजा दिलवाया था। इस पर उसे इंग्लैंड से भारत डिपोर्ट कर दिया।
बीती 24 जनवरी को सुबह चार बजकर 50 मिनट पर यूके से फ्लाइट संख्या वीएस-302 से एक इंडियन पैसेंजर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-तीन पर पहुंचे थे।
फरीदाबाद के विश्वविद्यालय के कागजात
जांच के दौरान उनके पास से शैक्षणिक दस्तावेज मिले जो फरीदाबाद स्थित लिंगाया विद्या पीठ विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ आर्ट्स ऑनर्स इकोनॉमिक्स (2023-2025) के नाम से थे। अरविंद ने उस दौरान परीक्षा ही नहीं दी थी। मूनक थाना प्रभारी बृजपाल ने बताया कि पुलिस ने आरोपी अरविंद को अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे जमानत दे दी है। अब एजेंट को गिरफ्तार किया जाएगा।
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एजेंट ने 19 लाख लेकर बनवाए दस्तावेज

मूनक निवासी अरविंद कुमार ने भारतीय इमीग्रेशन को पूछताछ में बताया कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में करनाल निवासी एजेंट सोमबीर सिंह ने भूमिका निभाई। उन्होंने 19 लाख रुपये लेकर ये दस्तावेज तैयार करवाए और विदेश भेजने की व्यवस्था की। इमिग्रेशन ऑफ इंडिया, आईजीआई एयरपोर्ट दिल्ली में तैनात अतिरिक्त सहायक निरीक्षक दया राम ने मामले को लेकर लिखित शिकायत मूनक थाना पुलिस को सौंपी। शिकायत के साथ मूल पासपोर्ट, पैसेंजर लॉग और कैमरा इमेज, यूके इमिग्रेशन अधिकारियों से प्राप्त डिपोर्ट के कागजात और कक्षा 10वीं, 12वीं व स्नातक से जुड़े शैक्षणिक दस्तावेज दिए गए।
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