इंद्री। कुरुक्षेत्र रोड पर कादराबाद गांव के पास शुक्रवार की रात को पलटी गन्ने की ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक का संतुलन बिगड़ गया। हादसे में खेड़ी जाटान निवासी फोटोग्राफर स्माइल (20) की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक पर सवार साथी फोटोग्राफर भादसो निवासी गुलशन घायल हो गए।
युवक की मौत पर शनिवार को परिजन ने इंद्री थाने में पहुंचकर हंगामा किया। उन्होंने पुलिस और साथी फोटोग्राफर गुलशन के परिजन पर स्माइल को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाने के आरोप लगाए। पुलिस ने स्माइल के फोन का लॉक खुलवाकर ही उन्हें रात में सूचित किया था। जब तक वे पहुंचे तब तक बेटे की मौत हो गई थी। यदि पुलिस उसे अस्पताल ले जाती तो जान बच जाती। हादसे के समय 112 की टीम मौके पर थी। टीम ने ही गुलशन को अस्पताल पहुंचाया। स्माइल के शव को मेडिकल कॉलेज के शवगृह में रखवाया था।
मृतक के परिजन संदीप, अरुण, सोमनाथ, प्रवीण, नरेश, घसीटाराम, जीजा जितेंद्र, शीशपाल व पिता वेदपाल इंद्री थाने पहुंचे। पुलिस पर कार्रवाई में ढिलाई का आरोप लगाया। उन्होंने हादसे के सही कारणों की जांच की मांग की। वे काफी देर तक थाने में डटे रहे।
परिवार का कहना है कि स्माइल साथी फोटोग्राफर गुलशन के साथ गांव चौरा में एक कार्यक्रम कवर करने गया था। लौटते सम हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कादराबाद के पास सड़क पर पहले से पलटी हुई गन्ने की ट्रॉली के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया। स्माइल का सिर सड़क से टकराया।
उन्हें गंभीर चोटें लगीं और कुछ देर बाद ही मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे से पहले गन्ने की ट्राली पलटी होने की सूचना पर 112 की टीम मौके पर ही थी। इसी टीम ने ही दोनों के परिजन को हादसे की जानकारी दी। गुलशन का कहना है कि वह पीछे बैठे हुए थे और बाइक स्माइल चला रहा था।
बोले, आधे घंटे से ज्यादा का समय बीता
स्माइल के रिश्ते में भाई सत्यम और अन्यों का कहना है कि पुलिस का फोन आने पर वे तुरंत निकल गए थे। उन्हें पहुंचने में आधे घंटे से ज्यादा समय लगा, तब तक स्माइल की मौत हो चुकी थी। आरोप है कि गुलशन के परिजन उनसे पहले पहुंच गए थे। आरोप है कि पुलिस को मोबाइल का लॉक भी स्माइल ने ही खोल कर दिया होगा, तभी पुलिसकर्मी उसके मोबाइल से कॉल कर पाए। उसे अस्पताल ले जाते तो जान बच सकती थी।
पुलिस ने की थी तुरंत कार्रवाई
थाना प्रभारी विपिन कुमार का कहना है कि डायल 112 टीम को ट्रॉली गिरने की सूचना पर मौके पर भेजा गया था। टीम के सदस्य लखविंद्र ने स्माइल और गुलशन के मोबाइल से परिजन को सूचित किया। गुलशन ने थाने में पूरा ब्योरा भी दिया। परिजन की दरखास्त मिलते ही पोस्टमॉर्टम सहित अन्य कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। आरोप निराधार हैं, पुलिस ने रात में तुरंत कार्रवाई की थी।