संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बारिश के बाद डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है। जिले में अब तक नौ मरीज मिल चुके हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिला नागरिक अस्पताल के आईपीडी ब्लॉक के तृतीय तल पर डेंगू वार्ड बनाकर उसमें छह बेड रिजर्व कर लिए हैं। जहां पर डेंगू के गंभीर मरीजों को दाखिल कर इलाज किया जा सकेगा। सरकार की ओर से प्राइवेट लैब में डेंगू की जांच के लिए 600 रुपये व चिकनगुनिया की जांच के लिए एक हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं।
सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया की निशुल्क जांच व इलाज जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। अगर प्राइवेट लैब के इंचार्ज निर्धारित रेट से ज्यादा चार्ज लेते पाए गए तो उनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। बारिश के दिनों में मच्छर जनित बीमारियां पनपने की संभावना सबसे अधिक होती है। ऐसे में नागरिक सावधानी बरतें।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शुक्रवार को जिले के 6955 घरों में मच्छर के लारवा की जांच की। इनमें से 36 घरों के विभिन्न स्थानों पर मच्छर का लारवा मिला और 20 मकान मालिकों को नोटिस थमाया। वहीं, शुक्रवार को जांच किए गए 25 सैंपलों में से एक भी केस पॉजिटिव नहीं मिला है।
जिले में 1840 सैंपलों में से डेंगू के नौ केस पॉजिटिव मिले हैं। इसके अलावा टीमों ने अब तक जिले के पांच लाख पांच हजार 495 घरों को चेक कर चुकी हैं। जिसमें अब तक 1397 घरों में मच्छर का लारवा मिला है और टीमों ने कुल 449 मकान मालिकों को नोटिस थमाया है। संवाद
डेंगू के लक्षण
अचानक तेज बुखार, छाती व ऊपर के हिस्सों में दानों का निकलना, सिर के आगे वाले व आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, शरीर के जोड़ों में दर्द, भूख न लगना, जी मितलाना व उल्टी आना।
मलेरिया के लक्षण
ठंड लगना, बुखार आना, शरीर में दर्द, सिरदर्द व उल्टी।
चिकनगुनिया के लक्षण
अचानक तेज बुखार आना, सिरदर्द, नींद, बेहोशी की अवस्था व उल्टी, रोगी की गर्दन में अकड़न व दौरे पड़ना।