माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। विकास नगर गली नंबर नौ में प्रकाश पब्लिक स्कूल के पास बुधवार दोपहर को घर के बाहर खेल रहे 12 साल के बच्चे दक्ष पर चार आक्रामक कुत्तों ने हमला कर दिया। कुत्ते बच्चे को काफी देर तक काटते रहे। चीखें सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कुत्तों को भगाया। बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया। बच्चे के शरीर पर गहरे घाव थे। डॉक्टरों को कई टांके लगाने पड़े।
घटना उस समय घटित हुई जब बच्चा घर के पास ही खेल रहा था। घायल दक्ष ने बताया कि अचानक ही कुत्तों का झुंड उस पर झपट पड़ा। वह जमीन पर गिर गया था। कुत्ते उसे काफी देर तक काटते रहे, वह चीखता रहा। मां रूबी ने बताया कि वह घर के बाहर धूप में बैठी थीं। बेटे की चीखें सुनते ही दौड़कर मौके पर पहुंचीं। इसी दौरान एक पड़ोसी भी आ गए। दोनों ने मिलकर कुत्तों को भगाया और बच्चे को उठाकर घर लाए।
उन्होंने बताया कि इसके बाद बिना देरी किए उसे अस्पताल ले जाया गए जहां डॉक्टरों ने घावों की सफाई की, टांके लगाए और जरूरी इंजेक्शन दिए। फिलहाल बच्चा खतरे से बाहर है। वह काफी डरा हुआ है।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। लोग बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। परिवार और मोहल्लेवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि आवारा कुत्तों को यहां से हटाकर किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए और स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि भविष्य में किसी मासूम को इस तरह की दरिंदगी का शिकार न होना पड़े।
कुत्तों का खौफ, निगम ने उठाकर वापस छोड़े, शेल्टर खाली-
इस घटना के बाद से कॉलोनी में आवारा कुत्तों की दहशत हो गई। हालात ये हैं कि लोगों ने अपने बच्चों के अकेले घर से निकलने पर पाबंदी लगा दी है। बच्चे के परिजनों और पड़ोसियों ने बताया कि नगर निगम ने आसपास से उन आक्रामक कुत्तों को उठाया। उनकी नसबंदी करवाई और वापस वहीं छोड़ दिया। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आक्रामक कुत्तों के लिए शेल्टर भी बनवाए गए हैं लेकिन निगम यहां आक्रामक कुत्तों को छोड़ नहीं रहा है। निगम अधिकारी आज भी शिकायत का इंतजार कर रहे हैं।
वर्जन-
हम जहां से कुत्ते पकड़ेंगे वहीं छोड़ेंगे। हमें क्या पता कुत्ता आक्रामक है या नहीं। अगर कोई बताएगा कि कुत्ता आक्रामक है तो हम उसे शेल्टर में छोड़ सकते हैं।-अभय सिंह, डीएमसी, करनाल