करनाल। राजमार्ग से लेकर जिला सड़क, प्रमुख मार्ग और ग्रामीण सड़कों पर भी सफेद पट्टियां लगेंगी। आगामी 15 दिनों में इस कार्य को पूरा किया जाएगा। इसे लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। करीब 22 लाख रुपये की लागत से पीडब्ल्यूडी की ओर से यह कार्य किया जाएगा। दो दिनों में मार्गों पर टीमें उतर जाएंगी।
विदित हो कि शहर व हाईवे की सड़कों से सफेद पट्टी न लगने का मुद्दा अमर उजाला ने उठाया था। इस मुद्दे को लेकर विशेष तौर पर अभियान चलाया गया। 17 से 25 नवंबर तक रोजाना इस मुद्दे पर समाचार प्रकाशित किया गया। जिसमें पट्टी न होने से होने वाले हादसे, सड़क की अन्य खामियां व कोहरे में किन वजहों से लोग दुर्घटनाओं का शिकार होने की खबर को उजागर किया गया। इस पर अब पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए सफेद पट्टी लगाने की प्रक्रिया शुरू की है।
अलग-अलग उपमंडल अधिकारियों से सड़कों की स्थिति की रिपोर्ट एक्सईएन ने मांगी है। अधिकारियों के अनुसार, योजना बनाते हुए सड़कों की प्राथमिकता के आधार पर सफेद पट्टी लगाने का कार्य किया जाएगा। जिस मार्ग पर ज्यादा ट्रैफिक रहता है, पहले उसे सुरक्षित बनाया जाएगा। विदित हो कि पीडब्ल्यूडी की राजमार्ग सहित जिले में 350 से ज्यादा सड़कें हैं। इनमें से करीब 100 सड़कों का नवनिर्माण इसी वर्ष में किया गया है, इन पर संबंधित निर्माण एजेंसी की ओर से सफेद पट्टी लगाई गई है। जबकि अन्य सड़कों पर यह कार्य किया जाना है। अब से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सफेद पट्टी लगाने का कार्य शुरू हो चुका है। ब्यूरो
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सबसे पहले छह राजमार्ग पर लगेगी पट्टी
एक्सईएन संदीप सिंह के अनुसार, सबसे पहले छह राजमार्गों पर सफेद पट्टी लगाई जाएगी। इसके बाद एमडीआर यानी मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड, इसके बाद लंबी दूरी के प्रमुख मार्ग और सबसे अंत में गांवों को प्रमुख मार्गों से जोड़ने वाली सड़कों पर सफेद पट्टी लगाई जाएगी। इसके लिए अलग-अलग एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई है। राजमार्गों में करनाल-मेरठ रोड, करनाल-कैथल मार्ग, करनाल इंद्री मार्ग, करनाल-कुंजपुरा मार्ग, करनाल-असंध मार्ग, करनाल-मूनक मार्ग और करनाल से काछवा मार्ग आदि शामिल हैं। 115 के करीब प्रमुख एवं ग्रामीण मार्ग हैं।
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अमर उजाला ने उठाया मुद्दा तो बनी योजना
तीन माह पहले बरसात में सड़कों से कोहरे में जीवनरेखा मानी जाने वाली सफेद पट्टियां जलभराव में धुल गई लेकिन प्रशासन ने इन सड़कों पर सफेद पट्टी बनवाना जरूरी नहीं समझा। ऐसे में कोहरे छाने के बाद रात में काली सड़कें हादसे के बाद खून से लाल हो रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार आंखें मूंदे हुए थे तो अमर उजाला ने विशेष तौर पर अभियान चलाते हुए इस मुद्दे पर खबरें प्रकाशित करना शुरू किया था। यह हालात भी तब हैं, जब 28 अक्तूबर को लघु सचिवालय में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में खुद उपायुक्त ने विभागों से समय रहते सफेद पट्टी लगावने के निर्देश दिए थे, फिर भी काम शुरू नहीं हुआ।
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एजेंसियों को निर्देश किए जारी : एक्सईएन
सभी उपमंडल के मिलाकर करीब 350 सड़कें हमारे पास हैं। जिन सड़कों पर एजेंसी के पास मरम्मत की जिम्मेदारी है, उन्हें सफेद पट्टी लगवाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिन सड़कों पर एजेंसी की जवाबदेही नहीं है, उन पर हमारी टीमें दो दिन में सफेद पट्टी लगाने का कार्य शुरू कर देंगी। इस कार्य के लिए प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का चुनाव किया गया है। - संदीप सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
वर्जन-
दो खंडों में काम किया शुरू : एसडीओ
असंध व घरौंडा की 40 से ज्यादा सड़कों पर सफेद पट्टी लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दोनों खंडों में करीब आठ लाख रुपये की राशि खर्च होगी। संबंधित एजेंसियों को 15 दिनों में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सबसे पहले प्रमुख मार्गों पर सफेद पट्टी लगाई जाएगी, यहां कार्य भी शुरू हो चुका है। - संजीव तंवर, एसडीओ पीडब्ल्यूडी