करनाल। गणतंत्र दिवस समारोह में सरकारी विभागों की ओर से झांकी के माध्यम से महकमे की उपलब्धि और भविष्य के मॉडल प्रस्तुत किए जाएंगे। इसमें करनाल रोडवेज भी आधुनिक परिवहन व्यवस्था की झलक दिखाएगी। यह झांकी जिस कैंटर पर तैयार की जा रही है वह 13 साल पुराना अनफिट डीजल वाहन है। यह करीब तीन साल पहले एक्सपायर हो चुका है। एनसीआर क्षेत्र करनाल में चलाने पर प्रतिबंध है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि इसे ट्रैक्टर के साथ टोचन करके मैदान में ले जाएंगे। दावा है कि प्रदूषण नहीं होने दिया जाएगा।
झांकी में विशेष तौर पर बसों के गतिशील मॉडल तैयार किए गए हैं। कैंटर पर 36 फीट लंबा प्लेटफार्म तैयार करके करीब आठ एकड़ के रोडवेज के मॉडल बस अड्डे की झलक दिखाई देगी। ई-बस, हैप्पी कार्ड, कर्मशाला और ई-टिकट प्रणाली का भी प्रदर्शन किया जाएगा। वर्ष 2013 मॉडल के जिस कैंटर पर झांकी तैयार हो रही है, इसे करीब 10 दिन की मेहनत से रोडवेज के तकनीकी स्टॉफ ने चलने योग्य बनाया है। बसों के टायर फिट किए हैं। कबाड़ में खड़े कैंटर को रंग-रंगोन करके ऊपर से नया लुक दिया है।
एचआर 45बी 2453 नंबर का बीएस-2 डीजल कैंटर जीएम हरियाणा रोडवेज के नाम पंजीकृत है। 10 मई 2013 को इसका पंजीकरण हुआ। 18 मार्च, 2023 को फिटनेस एक्सपायर हो गई। 8 फरवरी, 2023 को प्रदूषण और 5 जुलाई 2023 को बीमा भी एक्सपायर हो चुका है।
एक माह में कबाड़ से तैयार हुए
कार्यशाला प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि झांकी को तैयार करने में कबाड़ का प्रयोग किया गया है। मैकेनिकों ने नए के बजाय कर्मशाला के कबाड़ को संवार कर पुर्जे बनाए और गतिशील मॉडल तैयार किए। करीब महीनेभर की मेहनत से तैयार झांकी रविवार को मैदान में पहुंचा दी जाएगी।
झांकी में यह होगा दृश्य
झांकी में हरियाणा सरकार की ओर से नि:शुल्क सफर के लिए जारी किए हैप्पी कार्ड वितरण का काउंटर, सड़क पर दौड़ती एसी एवं ई-बस, कर्मशाला में खराब बसों को ठीक करने की प्रक्रिया, सड़क से खराब बस को कर्मशाला लाती हुई क्रेन व बसों के लिए बने वाशिंग सेंटर के कार्य का प्रदर्शन किया जाएगा। मोटर से वॉशिंग क्षेत्र में बस धुलती हुई दिखाई देगी। करनाल से कटरा तक चलने वाली बस का मॉडल है, यह फ्लोर पर चलता दिखेगा।
वर्जन
विभाग की उपलब्धियों पर आधारित झांकी तैयार की है। इस बार कोई ऐसी पुरानी बस नहीं थी, जिस पर मॉडल रख सकें। जिस कैंटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे टोचन करके ले जाया जाएगा। - कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज
वर्जन
बेकार खड़े कैंटर को कर्मचारियों ने चलने योग्य बनाया है। इसके संचालन से प्रदूषण नहीं होने देंगे। ट्रैक्टर से टोचन करके लेकर जाएंगे। हमारे पास सभी बसें नई हैं। बीएस-6 बस को खोला नहीं जा सकता। - अनिल कुमार, कार्यशाला प्रबंधक रोडवेज