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Karnal News: हाईवे पर तेज रफ्तार दौड़ी कार पर नोएडा में खड़ी स्कूटी का चालान

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- ट्रैफिक पुलिस की ऑनलाइन चालानिंग टीम का कारनामा, सीसीटीवी में कैद तस्वीर में दिखाई दे रहा है कार का 1715 नंबर
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- साढ़े तीन माह बाद चालान अदालत में जाने पर स्कूटी मालिक के पास आए एसएमएस से हुआ खुलासा



माई सिटी रिपोर्टर

करनाल। नेशनल हाईवे-44 पर रात को तेज रफ्तार तो कार चल रही थी लेकिन चालान नोएडा के एक घर में खड़ी स्कूटी का कट गया। यह कारनामा ट्रैफिक पुलिस की सीसीटीवी कैमरों से ऑनलाइन चालान करने वाली टीम ने किया है। टीम ने कार की गलती का चालान न केवल करनाल में काटा बल्कि पानीपत सीमा में लगे कैमरों में देखकर भी 20 मिनट बाद दूसरा चालान कर दिया।

अब चालान होने के साढ़े तीन माह बाद जब उसका भुगतान नहीं हुआ तो इसे कोर्ट में भेजते हुए स्कूटी मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजा गया इससे मामले का खुलासा हुआ। घर में खड़ी स्कूटी का चालान मोबाइल पर मिलने से स्कूटी मालिक हैरत में है। मामला संज्ञान में आने के बाद करनाल के एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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चालान में लगी सीसीटीवी की फोटो के अनुसार, कार का नंबर यूपी 14जीसी 1215 है। जबकि कार के नाम पर जिस स्कूटी का चालान किया गया है, उसका नंबर यूपी 14जीसी 1715 है। नौ फरवरी 2025 को रात 01.50 बजे पहला चालान हाईवे पर करनाल सीमा में इंडो इजराइल केंद्र घरौंडा के पास लगे सीसीटीवी कैमरों से हुआ। दूसरा चालान समालखा के गांव मनाना के पास इसी रात 02.10 बजे हुआ। वाहन मालिक अभिषेक के पास ये चालान अब पहुंचे हैं। उनका कहना है कि जिस तिथि का यह चालान हुआ है, उस समय वे अपने नोएडा घर में सो रहे थे और स्कूटी भी घर में खड़ी थी। 22 मई को अब उनके पास चालान कोर्ट में जाने का एसएमएस मिला। उनका कहना है कि चालान गलत हुआ है।



131 की स्पीड का काटा चालान, स्कूटी की अधिकतम सीमा 110

नेशनल हाईवे-44 पर कार की गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक तय है। करनाल जिले की सीमा में हुए चालान में गाड़ी की रफ्तार 123 किलोमीटर प्रति घंटा और पानीपत जिले में 131 किलोमीटर प्रति घंटा दिखाई गई है। स्कूटी मालिक का कहना है कि चालान करने वाले कर्मचारी ने कार का नंबर 1215 दर्ज करने के बजाय 1715 दर्ज किया है, जोकि उनकी स्कूटी का है। स्कूटी की अधिकतम सीमा 110 किलोमीटर प्रति घंटा मीटर में दर्ज है। जबकि इतनी तेज रफ्तार से स्कूटी को चलाया नहीं जा सकता।

हाईवे पर 19 जगहों पर लगे हैं 128 सीसीटीवी

हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-44 (अंबाला बॉर्डर से लेकर सोनीपत के कुंडली बॉर्डर तक) पर 19 स्थानों पर 128 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से नौ स्थानों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लैट रिकॉगनिशन (एएनपीआर) कैमरे और 12 स्थानों पर सर्विलांस कैमरे हैं। एएनपीआर कैमरों को हरियाणा पुलिस के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा हुआ है। ताकि वाहनों का पूरा इतिहास प्राप्त किया जा सके। कुल 128 कैमरों में 72 एएनपीआर, 38 सर्विलांस और 18 एविडेंस कैमरे हैं। इनका कंट्रोल रूम करनाल में बना है।
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चालान गलत कटा है, इसे रद्द कराया जाएगा। गलती के हिसाब से चालान कार का होना चाहिए। मामले की जांच भी कराई जाएगी कि चालान गलत क्यों कटा है। सीसीटीवी कैमरे लगाने का मकसद तेज रफ्तार पर लगाम लगाना है। कैमरे लगने के बाद काफी हद तक हादसों में कमी आई है।
- गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल
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