- कैप्टन लक्ष्मी सहगल के जन्मदिवस पर हुआ राज्य स्तरीय सम्मेलन
- एसआईआर रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, घंटाघर चौक पर पुतला फूंका
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने स्वतंत्रता सेनानी कैप्टन लक्ष्मी सहगल के जन्मदिवस पर युवती सम्मेलन आयोजित किया। इसमें युवतियों ने शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और अपने जीवन के फैसले खुद लेने के अधिकार के लिए एकजुट संघर्ष का आह्वान किया। वक्ताओं ने जातिगत भेदभाव, पितृसत्तात्मक सोच और महिलाओं की स्वतंत्रता पर पाबंदियों के खिलाफ आवाज उठाई।
सम्मेलन में 25 सदस्यीय युवती समिति का गठन किया गया। एसआईआर रद करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मताधिकार की रक्षा की मांग पर जुलूस निकाला गया। घंटाघर चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया गया। मुख्य वक्ता सुभाषिनी अली सहगल ने युवतियों के लिए शिक्षा, रोजगार के सीमित अवसरों, महंगाई और आर्थिक असुरक्षा को चुनौती बताया। उन्होंने पितृसत्तात्मक सोच पर महिलाओं के अधिकारों को सीमित करने का आरोप लगाया और सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर चिंता जताई। सुभाषिनी अली सहगल ने युवतियों से कल्पना चावला और कैप्टन लक्ष्मी सहगल को प्रेरणास्रोत बनाने की अपील की।
प्रमुख चुनौतियां
मनजीत राठी ने खाप फरमानों, जातिगत भेदभाव और महिलाओं की पसंद पर पहरेदारी को स्वतंत्रता का हनन बताया। उन्होंने यौन उत्पीड़न, साइबर बुलिंग, एसिड अटैक और दहेज हिंसा को गंभीर चुनौतियां कहा। समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमति सांगवान ने सामाजिक न्याय जत्था निकालने का आह्वान किया। उन्होंने युवतियों से समानता, स्वतंत्रता और न्याय पर आधारित समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।