करनाल। शहर के सहकारी शुगर मिल में कर्मचारी द्वारा किसान से की गई मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पूरे मामले के विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने उचित कार्रवाई नहीं होने पर दोबारा शुगर मिल बंद करने की चेतावनी दी है। यह सही है कि ऐसा हो गया तो सरकार को फिर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हाल ही में गन्ने के दाम बढ़ाने को लेकर किसान सरकार के खिलाफ पहले ही ऐसा कड़ा रुख अपना चुके हैं। सरकार को दाम बढ़ाकर ही मिल चालू करने पड़े थे। भाकियू की चेतावनी के बाद मिल अधिकारियों ने भी कार्रवाई आरंभ कर दी है, पर आरोपी की गिरफ्तारी न होने से भाकियू नाराज है।
भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रतनमान ने कहा है कि पुलिस ने किसान पर हमला करने वाले कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मिल के एमडी राजीव मेहता ने उसे निलंबित भी कर दिया है, लेकिन अब तक उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। इसे भाकियू सहन नहीं करेगी।
यह था मामला
मान ने कहा कि गन्ना आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले गांव सुहाना के किसान चांदवीर को बीते बुधवार रात शुगर मिल के कैन यार्ड में कर्मचारी ने हमलाकर घायल कर दिया। रात 10 बजे उनका ड्राइवर काला गन्ना लेकर शुगर मिल गया था। जैसे ही तुलाई का नंबर आया तो कैन सुपरवाइजर अजैब सिंह ने ड्राइवर से पर्ची छीन ली और अपनी जेब में डाल ली। इसी दौरान चांदवीर का फोन आ गया और ड्राइवर ने चांदवीर को पूरे मामले से अवगत कराया। चांदवीर ने पूछताछ की तो कर्मचारी गाली-गलौच पर उतर आया, पर वहां मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया। मान ने बताया कि इसके बाद किसान कार में बैठकर खाली कांटे की तरफ से निकल रहा था तो अजैब सिंह ने आवाज देकर रोक लिया और लोहे की रॉड से सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। चोट लगने से किसान अचेत हो गया। गिरने के बाद मिल के किसी भी कर्मचारी ने उसे अस्पताल नहीं पहुंचाया। परिजनों के पास सूचना पहुंची तो उसे सचदेवा अस्पताल में दाखिल कराया गया।
एडीसी को सौंपा था ज्ञापन
कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए भाकियू ने एडीसी चंद्रशेखर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी। उस समय 48 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर ने की मांग की गई थी, पर अबतक उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। किसान नेताओं ने कहा किसान अब कोरे आश्वासन से बहकावे में आने वाले नहीं हैं। कर्मचारी को गिरफ्तार नहीं किया गया और बर्खास्त नहीं किया तो गन्ना सप्लाई बंद कर देंगे और अन्य जिलों में भी सप्लाई बंद कर देंगे। कर्मचारी ने मर्यादाओं का हनन किया है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। हम आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।